Vishwakarma Puja 2020: इस साल विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja 2020) 16 सितंबर को पड़ रहा है। आमतौर पर प्रत्येक साल ही ये त्योहार 16 या 17 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान विश्वकर्मा की जन्मतिथि को लेकर लोगों में काफी असमंजस बना रहता है। कुछ लोगों का मानना है कि सूर्य संक्रांति के दिन ही उनका जन्म हुआ था। वहीं कई लोगों का मत इससे भिन्न भी है, उनके अनुसार आश्विन मास कृष्णपक्ष की प्रतिपदा के दिन ही इनका जन्म हुआ था। जबकि कई जगह लोग कहते हैं कि विश्वकर्मा जी का जन्म भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हुआ था।
हालांकि, सभी भक्त इस बात को मानते हैं कि इस दिन श्रद्धापूर्वक उनकी पूजा करने से कारोबार में आने वाले सभी विघ्न समाप्त हो जाते हैं। इस दौरान भक्तों को कुछ नियमों को लेकर सावधानी भी बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं –
उपकरणों का न करें इस्तेमाल: मान्यता है कि इस दिन लोगों को अपने कारखाने और फैक्ट्रियां बंद रखनी चाहिए। ऐसा करने के साथ ही वहां मौजूद मशीनें, उपकरणों और औजारों की पूजा करने से घर में बरकत आती है। ऐसे में आज के दिन लोगों को औजारों और किसी भी प्रकार की मशीनों का इस्तेमाल करना वर्जित है।
मांस-मदिरा का न करें सेवन: इस दिन मशीनों को पूरी तरह आराम देने के साथ ही, इस दिन तामसिक भोजन यानी मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही, अपने व्यापार और रोजगार को बढ़ाने के लिए इस दिन गरीब और असहाय लोगों को दान-दक्षिणा करना चाहिए।
रोजमर्रा इस्तेमाल वाली चीजों का करें सम्मान: भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पकार माना जाता है। ऐसे में इस दिन किसी भी प्रकार के औजारों का इस्तेमाल न करें। भले ही ये उपकरण घर के ही क्यों न हों लेकिन उनके इस्तेमाल से भी बचना चाहिए। साथ ही, मशीनों को इधर-उधर बिखराने से भी बचना चाहिए। इसके अलावा, अपने औजारों को किसी को भी उधार में न दें।
घर में यूं करें पूजा: इस दिन दफ्तर के साथ ही घर में भी सभी मशीनों की पूजा करनी चाहिए। चाहे बिजली के उपकरण हो या फिर बाहर खड़ी गाड़ी, विश्वकर्मा पूजा के दिन सभी की सफाई करें। अगर जरूरी हो तो ऑयलिंग और ग्रीसिंग करें। इस दिन इनकी देखभाल किसी मशीन की तरह न करके, इस प्रकार करें जिससे प्रतीत हो कि आप भगवान विश्वकर्मा की ही पूजा कर रहे हों।

