नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक बेहद ही कठिन तपस्या की थी। इसी कारण मां दुर्गा का एक नाम ब्रह्मचारिणी पड़ गया था। मां का ये रूप निराला है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली अर्थात तप का आचरण करने वाली मां ब्रह्मचारिणी (maa brahmacharini)। जानिए मां के इस स्वरूप की कैसे करें अराधना, क्या है पूजा विधि, व्रत कथा, आरती, मंत्र…

मां ब्रह्मचारिणी की आरती, संध्या आरती से संपन्न करें पूजा

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Ki Puja Vidhi) :

मां ब्रह्मचारिणी मां पार्वती का दूसरा स्वरूप है। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। साथ ही जीवन के सभी कष्टों से छुटकारा प्राप्त होता है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से पहले स्नान करके साफ वस्त्र धारण कर लें। देवी की पूजा करते समय सबसे पहले हाथों में एक फूल लेकर प्रार्थना करें। इसके बाद देवी को पंचामृत (दूध, दही, शर्करा, घृत, व मधु ) से स्नान करायें और फूल, अक्षत यानी कि साबुत चावल, कुमकुम, सिन्दुर, अर्पित करें। पूजा में लाल फूल का विशेष रूप से इस्तेमाल करें। पूजा में इस मंत्र का जाप करें- इधाना कदपद्माभ्याममक्षमालाक कमण्डलु देवी प्रसिदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्त्मा। इसके बाद कथा सुनें और घी और कपूर से देवी की आरती उतारें। अंत में मां को मिठाई का भोग लगाकर पूजा संपन्न करें।

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18:10 (IST)30 Sep 2019
नैना देवी मंदिर में होती है मां ब्रह्मचारिणी की खास पूजा

मां दुर्गा के 51 शक्तिपीठ देश के अलग अलग भागों में स्थापित हैं। इनमें से एक है नैना देवी मंदिर। आज नवरात्रि के दूसरे दिन इस मंदिर में अन्य मंदिरों की भांति ब्रह्मचारिणी मां की खास पूजा होती है। मान्यता है कि यहां मां दुर्गा के नयनों से अश्रु गिरे थे इसलिए इस मंदिर का नाम नयनादेवी पड़ गया। यह मंदिर उत्तराखंड के नैनीताल में नैनी झील के किनारे स्थित है। यह मंदिर नेपाल की पैगोड़ा और गौथिक शैली का समावेश है। 15वीं शताब्दी में बने इस मंदिर को प्राकृतिक आपदा के कारण बहुत नुकसान हुआ। इसके बाद 1883 में, मंदिर स्थानीय लोगों द्वारा फिर से बनाया गया।

16:21 (IST)30 Sep 2019
Navratri 2019: maa Brahmcharini Puja mantra, stuti

नवरात्रि पूजा के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी मां की पूजा होती है। नौ दिनों की इस पूजा में मां दुर्गा के अलग अलग 9 स्वरूपों की पूजा होती है। आइए जानते हैं कि आज मां ब्रह्मचारिणी की संध्या पूजा में किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

इस मंत्र का उद्घोष करें:
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥

मां ब्रह्मचारिणी से ये करें प्रार्थना:
दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

मां दुर्गा की स्तुति:
या देवी सर्वभू‍तेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

14:11 (IST)30 Sep 2019
स्मरण शक्ति बढ़ाती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

नवरात्रि में आज ​दूसरा दिन है और ब्रह्मचारिणी मां की आराधना की जा रही है। आपको बता दें कि मां के इस स्वरूप को औषधि के रूप में भी देखा जाता है। ब्रह्मचारिणी को ब्राह्मी भी कहा जाता है, सामान्य तौर पर ब्राह्मी का उपयोग आयु व स्मरण शक्ति बढ़ाने वाली औषधियों में किया जाता है। ब्राह्मी से वायु संबंधी विकार और मूत्र संबंधी रोगों का निदान किया जाता है।

13:05 (IST)30 Sep 2019
मां ब्रह्मचारिणी की कथा (Maa Brahmacharini Katha In Hindi) : Navratri 2019, Katha in Hindi, Aarti

मां ब्रह्मचारिणी ने हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लिया था और नारद जी के उपदेश से भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इन्हें ब्रह्मचारिणी नाम से जाना गया। एक हजार वर्ष तक इन्होंने केवल फल-फूल खाकर बिताए और सौ वर्षों तक केवल जमीन पर रहकर शाक पर निर्वाह किया। कुछ दिनों तक कठिन व्रत रखे और खुले आकाश के नीचे वर्षा और धूप के घोर कष्ट सहे। तीन हजार वर्षों तक टूटे हुए बिल्व पत्र खाए और भगवान शंकर की आराधना करती रहीं। इसके बाद तो उन्होंने सूखे बिल्व पत्र खाना भी छोड़ दिए। कई हजार वर्षों तक निर्जल और निराहार रह कर तपस्या करती रहीं।

कठिन तपस्या के कारण देवी का शरीर एकदम क्षीण हो गया। देवता, ऋषि, सिद्धगण, मुनि सभी ने ब्रह्मचारिणी की तपस्या को अभूतपूर्व पुण्य कृत्य बताया, सराहना की और कहा- हे देवी आज तक किसी ने इस तरह की कठोर तपस्या नहीं की। यह आप से ही संभव थी। आपकी मनोकामना परिपूर्ण होगी और भगवान चंद्रमौलि शिवजी तुम्हें पति रूप में प्राप्त होंगे। अब तपस्या छोड़कर घर लौट जाओ। जल्द ही आपके पिता आपको लेने आ रहे हैं।

11:49 (IST)30 Sep 2019
ब्रह्माचारिणी देवी की आरती (Maa Brahmacharini Ki Aarti) : Navratri 2019, Puja Vidhi, Fast, Aarti, Katha

जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो ​तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी।

11:44 (IST)30 Sep 2019
मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र (Maa Brahmacharini Ke Mantra) : Navratri 2019 2nd Day, Know Puja Vidhi, Mantra, Aarti

1.या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
दधाना कर पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मई ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥

2. या देवी सर्वभू‍तेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥