Mauni Amavasya In 2020 (Maghi Amavasya 2020):  इस बार मौनी अमावस्या 24 जनवरी को पड़ रही है। इसी दिन शनि का भी राशि परिवर्तन (Shani Transit 2020) होने जा रहा है। करीब 29 साल बाद शनिदेव अपनी राशि मकर में प्रवेश करेंगे। मौनी अमावस्या का दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए बेहद ही शुभ माना जाता है। माघ मेले (Magh Mela 2020) में भी स्नान के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है मौनी अमावस्या। जिसे माघी अमावस्या (Maghi Amavasya) के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग मौन व्रत धारण करते हैं। जानिए ये अमावस्या क्यों मानी गई है खास…

मौनी अमावस्या का महत्व (Mauni Amavasya Significance): धर्म ग्रंथों में ऐसा उल्लेख मिलता है कि इसी दिन से द्वापर युग का प्रारंभ हुआ था। माना जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृत बन जाता है। जिससे इस दिन गंगा में स्नान करने से पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन कई लोग मौन व्रत धारण कर मुनियों जैसा आचरण करते हैं। इससे एक विशेष तरह की ऊर्जा प्राप्त होती है। साथ ही मानसिक और शारीरिक कष्ट दूर होते हैं। पौराणिक कथाओं अनुसार इस दिन ऋषि मनु का जन्म हुआ था। जिसके कारण इसे मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। मौनी यानी माघी अमावस्या के दिन तेल, तिल, अन्न और गर्म कपड़ों का दान करना पुण्य का काम माना गया है।

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मौनी अमावस्या का मुहूर्त: 24 जनवरी को मौनी अमावस्या पड़ रही है। अमावस्या तिथि की शुरुआत इसी दिन 2:17 ए एम से हो जायेगी जिसकी समाप्ति 25 जनवरी 3:11 ए एम पर होगी। शनि अपनी राशि 24 जनवरी की दोपहर 12:10 पर बदल रहे हैं।

मौनी अमावस्या पर मौन व्रत का महत्व: साधु-संत, ऋषि सभी प्राचीन समय से मन पर नियंत्रण रखने के बारे में बताते रहे हैं। क्योंकि मन बहुत तेज गति से दौड़ता है। जिस पर कंट्रोल करना थोड़ा मुश्किल होता है। मौनी अमावस्या का यही उद्देश्य है कि इस दिन मौन व्रत रखा जाए जिससे मन को संयमित किया जाए। मन ही मन ईश्वर का स्मरण करें। यह एक प्रकार से मन को साधने की एक यौगिक क्रिया भी है। मान्यता यह भी है कि अगर किसी के लिए मौन रहना संभव न हो तो इस दिन अपने विचारों से पवित्र रहें और किसी को कोई कटुवचन न कहे। इस व्रत में भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा करें।

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मौनी अमावस्या पर क्या करें दान? इस दिन तेल, तिल, कंबल, गरम कपड़े, काले कपड़े, जूते इत्यादि चीजों का दान विशेष रूप से फलदायी माना गया है। तो वहीं चंद्रमा को मजबूत करने के लिए दूध, चावल, खीर, मिश्री, बताशा, सफेद वस्तुओं का दान कर सकते हैं।