Mauni Amavasya 2020 Puja Vidhi, Muhurat, Samagri, Mantra, Vrat Vidhi, Vrat Katha: आज मौनी अमावस्या है स्नान दान के लिए सबसे पवित्र दिन। माघ मास में आने के कारण इसे माघी अमावस्या (Maghi Amavasya 2020) भी कहा जाता है। इस दिन स्नान दान करने और मौन व्रत रहने की परंपरा है। आज के दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में डुबकी लगाते हैं। खासकर गंगा स्नान के लिए ये दिन बेहद ही महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा का पानी अमृत की समान बन जाता है। जिससे उसमें स्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

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मौनी अमावस्या पर क्या करना चाहिए: इस दिन जितना हो सके शांत रहने की कोशिश करें। लड़ाई झगड़ों में न पड़ें। इस दिन मौन रहने से और गंगा स्नान कर दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस पवित्र दिन पर ओम नमो भगवते वासुदेवाय, ओम खखोल्काय नम:, ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए। मौनी अमावस्या पर शनि और पितरों की शांति के लिए उपाय करना चाहिए।

क्या करें दान? मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने के बाद तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला, वस्त्रा, अंजन, दर्पण, स्वूर्ण और दूध देने वाली गाय का दान कर सकते हैं।

मौनी अमावस्या का महत्व, कथा, पूजा विधि, मुहूर्त सभी जानकारी जानने के लिए बने रहिए इस ब्लॉग पर…

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11:58 (IST)24 Jan 2020
मौनी अमावस्या का महत्व (Mauni Amavasya Significance):

धर्म ग्रंथों में ऐसा उल्लेख मिलता है कि इसी दिन से द्वापर युग का प्रारंभ हुआ था। माना जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृत बन जाता है। जिससे इस दिन गंगा में स्नान करने से पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन कई लोग मौन व्रत धारण कर मुनियों जैसा आचरण करते हैं। इससे एक विशेष तरह की ऊर्जा प्राप्त होती है। साथ ही मानसिक और शारीरिक कष्ट दूर होते हैं। पौराणिक कथाओं अनुसार इस दिन ऋषि मनु का जन्म हुआ था। जिसके कारण इसे मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। मौनी यानी माघी अमावस्या के दिन तेल, तिल, अन्न और गर्म कपड़ों का दान करना पुण्य का काम माना गया है।

11:26 (IST)24 Jan 2020
मौनी अमवस्या पर ये उपाय किये जाते हैं...

पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए एक लोटे में जल लेकर उसमें लाल पुष्प और काले तिल डालें। फिर पितरों का ध्यान करते हुए इस जल को सूर्यदेव को अर्पित कर दें। ऐसा करने के बाद पितरों से पितृ दोष की मुक्ति की प्रार्थना करें।

10:52 (IST)24 Jan 2020
पितृ दोष के निवारण के लिए शुभ दिन...

इस दिन दो जनेऊ लें जिसमें एक जनेऊ को अपने पितरों के नाम से और दूसरे जनेऊ को भगवान विष्णु के नाम लेते हुए अर्पित कर दें। इसके बाद पीपल के वृक्ष की 108 बार परिक्रमा लगाएं और सफेद रंग की मिठाई पीपल के वृक्ष को अर्पित करें।

10:25 (IST)24 Jan 2020
मौनी अमावस्या पर इन चीजों का करें दान...

किन चीजों का करें दान: इस दिन गंगा स्नान के पश्चापत तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला, कंबल, वस्त्र, अंजन, दर्पण, स्वूर्ण और दूध देने वाली गाय का दान करना ज्यादा फलदायी रहेगा।

10:07 (IST)24 Jan 2020
मौनी अमावस्या पर कैसे करें स्नान?

इस दिन पवित्र नदियों खासकर गंगा में स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है। स्नान से पहले जल को सिर पर लगाकर प्रणाम करें। फिर स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें और जल में काले तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। फिर सूर्य भगवान के मंत्र का जाप करें और यथाशक्ति जरूरतमंदों को दान करें। आप चाहें तो इस दिन व्रत भी रख सकते हैं।

09:36 (IST)24 Jan 2020
मौनी अमावस्या पर क्या करें और क्या नहीं...

शास्त्रों अनुसार दान करना सबसे पुण्य का काम माना जाता है। मान्यता है कि इन कार्यों को करने के लिए मौनी अमावस्या का दिन सबसे शुभ होता है। इस बार मौनी अमावस्या 24 जनवरी को पड़ी है। इसी दिन शनि भी अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। कई जगह इस अमावस्या के दिन मौन व्रत रखा जाता है। स्नान दान के लिए ये दिन बेहद ही खास माना गया है। जानिए मौनी अमावस्या से जुड़ी खास बातें…

09:14 (IST)24 Jan 2020
मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त:

अमावस्या तिथि का प्रारंभ 24 जनवरी 2020 को देर रात 2 बजकर 18 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 25 जनवरी 2020 को देर रात 3 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। 24 जनवरी को रात के आखिरी पहर से लेकर आप सूर्यास्त होने से पहले स्नान कर सकते हैं।

09:01 (IST)24 Jan 2020
मौनी अमावस्या का महत्व...

इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करने पर पुण्य का फल मिलता है। मौनी शब्द मौन शब्द से बना है इसलिए कहा जाता है इस दिन मौन रहकर उपवास रखना चाहिए तथा भगवान को याद करना चाहिए। इस दिन क्रोध, लोभ, काम, मोह आदि नहीं करना चाहिए। इस दिन रात को चंद्रमा नहीं दिखाई देता है। चंद्रमा को मन का स्वामी कहा जाता है। इसलिए इस दिन मन थोड़ा कमजोर हो सकता है। शास्त्रों के मुताबिक इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।