Masik Krishna Janmashtami 2024: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहारों में से एक है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के जश्न रूप में हर माह मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का आठवां अवतार माना जाता है। इसके साथ ही श्रीकृष्ण को धर्म, न्याय और सत्य के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है। वहीं मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण की विधिपूर्वक पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति और खुशियां आती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं मासिक जन्माष्टमी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग के बारे में।
मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तिथि (Masik Krishna Janmashtami 2024 Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 नवंबर को शाम 6 बजकर 7 मिनट पर शुरू होगी और इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 23 नवंबर, दिन शनिवार को शाम 7 बजकर 56 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में मासिक जन्माष्टमी का व्रत आज यानी 22 नवंबर को रखा जाएगा।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2024 शुभ मुहूर्त (Masik Krishna Janmashtami 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर में 01 बजकर 53 मिनट से लेकर 02 बजकर 35 मिनट तक
अमृत काल – दोपहर बाद 03 बजकर 27 से लेकर शाम 05 बजकर 10 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम में 05 बजकर 22 मिनट से लेकर 05 बजकर 49 मिनट तक
कान्हा को इन चीजों का भोग लगाएं
मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा के दौरान कान्हा को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर को मिलाकर बनाया गया पंचामृत का भोग लगाएं। श्रीकृष्ण को पंचामृत बेहद प्रिय माना जाता है। इसके साथ ही बालगोपाल को माखन-मिश्री का भोग भी अवश्य लगाएं। इसके अलावा इस दिन पंजीरी, खीर, मिठाई और मौसमी फल जैसे केला, सेब, अंगूर आदि का भोग लगाएं।
मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि (Masik Krishna Janmashtami Puja Vidhi)
मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन सबसे पहले उठकर सभी कामों को कर स्नान करें। उसके बाद सफेद वस्त्र धारण करें। फिर बालकृष्ण का पंचामृत से अभिषेक करें। उसके बाद बाल गोपाल को माखन, मिश्री, फल, मिठाई आदि का भोग लगाएं। दीपक जलाएं और उनकी आरती करें। भगवान श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप करें। इसके बाद कान्हा से सुख-समृद्धि की कामना करें।
डिसक्लेमर- इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
