Makar Sankranti (Khichdi) 2020: मकर संक्रांति सूर्य देव की अराधना का पर्व है। इस दिन स्नान दान (Makar Sankranti Snan Time) का विशेष महत्व माना जाता है। तभी तो तीर्थस्थलों पर इस पर्व वाले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। पिछले कुछ सालों से संक्रांति पर्व 15 तारीख को मनाया जा रहा है। इस बार भी ज्योतिष अनुसार 15 की सुबह ही स्नान दान करने का सबसे शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन खिचड़ी का दान करना विशेष रूप से फलदायी माना गया है। जानिए राशि अनुसार किन चीजों का किया जा सकता है दान…

मेष: तिल-गुड़ का दान करें। इससे सफलता मिलेगी। जल में तिल मिलाकर नहाएं। दरिद्रता दूर होगी।

वृष: जरूरतमंदों को गर्म कपड़ों, खिचड़ी और तेल का दान करें। भाग्य में वृद्धि होगी। जल में दो बूंद गुलाब जल डालकर स्नान करे। तनाव कम होंगे।

मिथुन: खिचड़ी, कंबल, गुड़, मूंगफली और कपड़ों का दान करें। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। जल में काले तिल डालकर स्नान करें।

कर्क: कपड़े, साबुत चावल, फल और रेवड़ी का दान करें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नहाने के पानी में केसर मिलाकर स्नान करें।

सिंह: गुड़ की गजक, मूंगफली, तांबे के बर्तन का दान करें। नौकरी में तरक्की होगी। नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिला लें।

कन्या: हरे कपड़े, साबुत मूंग, खिचड़ी का दान करें। धन की प्राप्ति के मार्ग खुलेंगे। नहाने के पानी में एक बूंद देसी घी मिला लें।

तुला: मिठाई, कपड़ों, चावल की खिचड़ी, फल का दान कर सकते हैं। जीवन में खुशहाली आयेगी। सरसों का तेल जल में मिलाकर स्नान करें।

वृश्चिक: लाल कपड़ा, मसूर, रेवड़ी, गुड़ की गजक और खिचड़ी का दान करें। पारिवारिक कलह खत्म होंगे। नहाने के पानी में एक चुटकी सेंधा नमक डाल लें।

धनु: चने की दाल, साबुत हल्दी, पीतल के बर्तन, मूंगफली और खिचड़ी का दान करें। नौकरी में तरक्की मिलेगी। नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी मिला लें।

मकर: उड़द की दाल, बेसन के लड्डू, सरसों के तेल, काला कपड़ा दान में दे सकते हैं। व्यापार में इससे लाभ होगा। पानी में सफेद चंदन मिलाकर स्नान करें।

कुंभ: उड़द की दाल की खिचड़ी, काली छतरी, फल, गुड़ और काले कपड़े का दान करें। नहाने के पानी में एक चम्मच गंगाजल जरूर मिला लें। जीवन में तरक्की मिलेगी।

मीन: चने की दाल, मीठे चावल, मिठाई, मूंगफली और रेशमी कपड़े का दान कर सकते हैं। नहाने के पानी में थोड़ी हल्दी मिला लें।

2020 मकर संक्रान्ति मुहूर्त:
मकर संक्रान्ति बुधवार, जनवरी 15, 2020 को
मकर संक्रान्ति पुण्य काल – 07:15 ए एम से 05:46 पी एम
अवधि – 10 घण्टे 31 मिनट्स
मकर संक्रान्ति महा पुण्य काल – 07:15 ए एम से 09:00 ए एम
अवधि – 01 घण्टा 45 मिनट्स

Live Blog

17:17 (IST)14 Jan 2020
माघ मेले में स्नान की विशेष तिथियां:

माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा के दिन से हो चुकी है। जिसका पहला स्नान पौष पूर्णिमा के दिन था। दूसरा स्नान मकर संक्रांति पर किया जायेगा। इस तिथि को तीर्थस्थलों पर स्नान करने मोक्ष की प्राप्ति की मान्यता है। प्रयागराज के माघ मेले में स्नान के लिए मौनी अमावस्या का दिन भी बेहद शुभ माना जाता है। इस बार ये अमावस्या 24 जनवरी को पड़ रही है। जिस दिन शनि का राशि परिवर्तन भी होगा। अगला स्नान बसंत पंचमी यानी 30 जनवरी को किया जायेगा। फिर 9 फरवरी यानी माघी पूर्णिमा भी स्नान के लिए प्रमुख तिथि मानी गई है। आखिरी स्नान महाशिवरात्रि यानी 21 फरवरी के दिन होगा। इसी दिन माघ मेले का अंत भी हो रहा है।

16:40 (IST)14 Jan 2020
सूर्य के राशि गोचर का प्रभाव...

सभी ग्रह कुछ कुछ समय के अंतराल में अपनी राशि बदलते हैं। इसी प्रक्रिया में कई बार ऐसी भी स्थिति बनती है कि एक ही राशि में कई ग्रह एक साथ आ जायें। 24 जनवरी को शनि (Shani Gochar 2020) का राशि परिवर्तन होगा। इस दौरान शनि देव अपनी ही राशि मकर (Makar Rashi) में गोचर करने लगेंगे। जहां पहले से ही उनके शत्रु माने जाने वाले सूर्य भी मौजूद रहेंगे। धार्मिक मान्यताओं अनुसार शनि अपने पिता सूर्य को अपना दुश्मन मानते हैं। इसलिए इन दोनों ग्रहों की युति कभी भी अच्छी नहीं मानी जाती। इसी के साथ बुध भी मकर राशि में विराजमान हैं। बुध और सूर्य के मिलने से बुधात्यि योग भी बन रहा है। सूर्य के राशि परिवर्तन का आप पर क्या पड़ेगा प्रभाव, जानिए

16:08 (IST)14 Jan 2020
स्नान, दान का शुभ मुहूर्त...

15 जनवरी, बुधवार को मकर राशि की संक्रांति सुबह 7:54 बजे से होगी। इस दिन स्नान, दान का शुभ मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगा। इस दिन शोभन योग, स्थिर योग के साथ गुरु और मंगल स्वराशि में रहेंगे। साथ ही बुधादित्य योग फलदायी रहेगा। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से धन्य-धान्य में वृद्धि होगी। इस दिन गंगा स्नान से अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिल जाती है।

15:44 (IST)14 Jan 2020
खिचड़ी पर्व पर दान करते हैं खिचड़ी...

बिहार में मकर संक्रान्ति को खिचड़ी नाम से जाता हैं। इस दिन उड़द, चावल, तिल, चिवड़ा, गौ, स्वर्ण, ऊनी वस्त्र, कम्बल आदि दान करने का अपना महत्व है।

15:18 (IST)14 Jan 2020
माल मेले में स्नान के लिए सबसे शुभ दिन कल...

उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति को दान पर्व के रूप में जानते हैं। इस दिन दान के साथ ही इलाहाबाद, गंगा, यमुना, सरस्वती के संगम पर माघ मेला लगता है। यहां स्नान करने का अपना अलग ही महत्त्व है। इलाहाबाद में हर साल माघ मेले की शुरुआत होती है। 

14:31 (IST)14 Jan 2020
मकर संक्रांति के दिन क्या करें?

भविष्यपुराण के अनुसार सूर्य के उत्तरायण के दिन संक्रांति व्रत करना चाहिए। तिल को पानी में मिलाकार स्नान करना चाहिए. अगर संभव हो तो गंगा स्नान करना चाहिए। इस दिन तीर्थ स्थान या पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व अधिक है। इसके बाद भगवान सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। मकर संक्रांति पर अपने पितरों का ध्यान और उन्हें तर्पण जरूर देना चाहिए।

13:53 (IST)14 Jan 2020
मकर संक्रांति के दिन स्नान दान से मिलता है मोक्ष...

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति के शुभ अवसर जो व्यक्ति पवित्र नदी में डुबकी लगाता है उसे मोक्ष प्राप्त होता है। इस दान धर्म का कार्य करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है।

13:32 (IST)14 Jan 2020
मकर संक्रांति पर स्नान करने का विशेष महत्व होता है...

वैसे तो मकर संक्रांति के दिन किसी भी समय स्नान कर सकते हैं। लेकिन इसका सबसे शुभ समय 15 जनवरी की सुबह 07:19 बजे से 09:03 बजे तक का रहेगा। इस दौरान स्नान कर दान जरूर करें।

12:49 (IST)14 Jan 2020
मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व...

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन से मलमास खत्म होकर शुभ मास प्रारंभ हो जाता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान, दान, पूजा आदि करना सौ गुणा फल देता है। पुराणों में इस दिन घी और कंबल दान करने की अपार महिमा बताई गई है। माना गया है कि इस दिन घी और कम्बल दान करने वाला सभी भोगों को भोगकर मोक्ष को प्राप्त होता है। 

12:49 (IST)14 Jan 2020
मकर संक्रांति का महत्व?

मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, भारतीय ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, सूर्य इसी दिन से उत्तरायण भी होते हैं। उत्तरायण सूर्य का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है और इसे देवताओं का दिन भी कहा गया है। इसी दिन से दिन की अवधि बढ़ती है और रात की अवधि घटती चली जाती है। सूर्य के इस राशि परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर हुआ परिवर्तन मानते हैं।

12:26 (IST)14 Jan 2020
मकर संक्रांति के बाद माघ मेले में ये रहेंगे स्नान के मुहूर्त...

मकर संक्रांति- 15 जनवरी (बुधवार) पवित्र नदी में स्नान करने के लिए बेहद शुभ दिन
मौनी अमावस्या- 24 जनवरी (शुक्रवार) नदी स्नान के लिए शुभ दिन और पितरों के तर्पण के लिए भी
बसंत पंचमी- 30 जनवरी (मंगलवार) इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से मिलेगा मोक्ष
माघी पूर्णिमा- 9 फरवरी (रविवार) नदी स्नान के लिए ये दिन भी माना गया है विशेष
महाशिवरात्रि- 21 फरवरी (शुक्रवार) माघ मेले का आखिरी दिन और नदी स्नान की दृष्टि से बेहद शुभ दिन

11:57 (IST)14 Jan 2020
मकर संक्रांति के दिन क्यों किया जाता है स्नान?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन की गंगा जी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते है सागर में जा मिली थीं। इसीलिए आज के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति को मौसम में बदलाव का सूचक भी माना जाता है। आज से वातारण में कुछ गर्मी आने लगती है और फिर बसंत ऋतु के बाद ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है. कुछ अन्य कथाओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन देवता पृथ्वी पर अवतरित होते हैं और गंगा स्नान करते हैं। इस वजह से भी गंगा स्नान का आज विशेष महत्व माना गया है।

11:27 (IST)14 Jan 2020
मकर संक्रांति पर स्नान का शुभ मुहूर्त...

मकर संक्रांति 15 जनवरी दिन बुधवार को प्रात: 7 बजकर 19 मिनट बजे से आरंभ होगी. ज्योतिष के अनुसार, यह बहुत ही शुभ समय माना जाता है. समस्त शुभ कार्यों की शुरुआत इस संक्रांति के पश्चात ही होती है. मकर संक्रांति स्नान के लिए सुबह 7 बजकर 19 मिनट से 9 बजकर 3 मिनट तक का समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा.

10:50 (IST)14 Jan 2020
इस दिन तिलों का भी होता है खास महत्व...

मकर संक्रांति के दिन सिर्फ खिचड़ी ही नहीं तिल से जुड़े दान और प्रयोग भी लाभ देते हैं .दरअसल ये मौसम में परिवर्तन का समय होता है. ऐसे में तिल का प्रयोग विशेष हो जाता है. साथ ही मकर संक्रांति सूर्य और शनि से लाभ लेने का भी खास दिन होता है. मकर संक्रांति के दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं. शास्त्रों में उत्तरायण के समय को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को देवताओं की रात कहा गया है.

10:31 (IST)14 Jan 2020
सूर्य देव की अराधना के लिए इन मंत्रों का करें जाप...

मेष: मंत्र- ऊं रवये नम:।
वृषभ: मंत्र- ऊं मित्राय नम:।
मिथुन: मंत्र- ऊं खगाय नम:।
कर्क: मंत्र- जय भद्राय नम:।
सिंह: मंत्र- ऊं भास्कराय नम:।
कन्या : मंत्र- ऊं भानवे नम:।
तुला: मंत्र- ऊं पुष्णे नम:।
वृश्चिक: मंत्र- ऊं सूर्याय नम:।
धनु: मंत्र- ऊं आदित्याय नम:।
मकर: मंत्र- ऊं मरीचये नम:।
कुम्भ: मंत्र- ऊं सवित्रे नम:।
मीन: मंत्र- ऊं अर्काय नम:।

09:52 (IST)14 Jan 2020
2020 मकर संक्रान्ति फलम्...

मकर संक्रान्ति पुण्य काल - 07:15 ए एम से 05:46 पी एम
अवधि - 10 घण्टे 31 मिनट्स
मकर संक्रान्ति महा पुण्य काल - 07:15 ए एम से 09:00 ए एम
अवधि - 01 घण्टा 45 मिनट्स
मकर संक्रान्ति का क्षण - 02:22 ए एम