साल 2020 में सूर्य का मकर राशि में गोचर 15 जनवरी को हो रहा है। इस दिन माघ कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। जब भी सूर्य मकर राशि में गोचर करता है तो उस दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है। हिंदू धर्म में इस दिन का काफी महत्व माना गया है। सूर्य के मकर राशि में जाते ही खरमास की समाप्ति भी हो जाती है। जिससे शादी ब्याह जैसे सभी मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं। इस दिन पवित्र नदी गंगा में स्नान करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है। जानिए मकर संक्रांति पर स्नान दान का महत्व और मुहूर्त…
मकर संक्रांति के दिन क्यों किया जाता है स्नान? धार्मिक मान्यताओं अनुसार संक्रांति के दिन ही मां गंगा स्वर्ग से अवतरित होकर राजा भागीरथ के पीछे-पीछे कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई गंगासागर तक पहुँची थी। धरती पर अवतरित होने के बाद राजा भागीरथ ने गंगा के पावन जल से अपने पूर्वजों का तर्पण किया था। इसलिए मकर संक्रांति के दिन गंगा में स्नान करना काफी फलदायी माना गया है। मान्यता है कि संक्रांति के दिन गंगा में स्नान करने से कष्टों का निवारण होता है। अगर आस पास नदी न हो तो आप घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं। स्नान के बाद जरूरतमंदों को दान भी अवश्य करें।
मकर संक्रांति पर क्या करें दान? इस दिन गरीबों को जरूरत की वस्तुओं का दान करना चाहिए। इस पर्व पर खिचड़ी का दान करना सबसे ज्यादा फलदायी माना गया है। उत्तर प्रदेश में इस त्योहार पर लोग अपने घरों में खिचड़ी बनाकर उसका सेवन करते हैं। इस अवसर पर तिल, गुड़, कंबल, वस्त्र, अन्न और ब्राह्ण भोजन दान करना चाहिए।
मकर संक्रांति 2020 स्नान मुहूर्त:
संक्रांति काल- 07:19 बजे (15 जनवरी)
पुण्यकाल-07:19 से 12:31 बजे तक
महापुण्य काल- 07:19 से 09: 03 बजे तक
संक्रांति स्नान- प्रात: काल, 15 जनवरी 2020
माघ मेले में स्नान के लिए मकर संक्रांति है सबसे शुभ दिन: उत्तर प्रदेश में यह मुख्य रूप से ‘दान का पर्व’ माना जाता है। माघ मेले में स्नान के लिए ये सबसे शुभ दिन माना गया है। इस दिन गंगा स्नान करके तिल के मिष्ठान आदि को ब्राह्मणों में दान दिया जाता है।

