Mahashivratri And Pradosh Vrat Date 2020: शिव भक्तों को लगातार दो दिनों तक अपने आराध्य की अराधना करने का विशेष मौका मिलने जा रहा है। 20 फरवरी को प्रदोष व्रत तो 21 फरवरी को महाशिवरात्रि पड़ेगी। ये दोनों ही दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिए बेहद ही खास माने गये हैं। प्रदोष व्रत हर माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है। जानिए प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि व्रत की महिमा…
प्रदोष व्रत: हर दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत की अलग अलग महिमा होती है। इस बार ये व्रत गुरुवार को पड़ रहा है। इस दिन उपवास रख भगवान शिव की सच्चे मन से अराधना करने से सभी इच्छाएं जल्दी पूरी हो जाती हैं। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। इस व्रत को करने से शत्रुओं का नाश होता है। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत होते हैं जिनकी संख्या मलमास के कारण कई बार 26 भी हो जाती है। प्रदोष व्रत मुहूर्त…
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ 03:59 पी एम से
त्रयोदशी तिथि समाप्त 05:20 पी एम पर
महाशिवरात्रि व्रत: माना जाता है कि इस दिन शिव भगवान का जन्म हुआ था। कई कथाओं में इस बात का भी वर्णन है कि शिव और पार्वती के विवाह की रात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। इसलिए इस दिन व्रत रख सच्चे मन से शिव और पार्वती की अराधना करने से सभी प्रकार की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। मोक्ष प्राप्ति के लिए भी इस व्रत को खास माना गया है। महाशिवरात्रि की पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त निशिता काल है।
महा शिवरात्रि शुक्रवार, फरवरी 21, 2020 को
निशिता काल पूजा समय – 12:09 ए एम से 01:00 ए एम, फरवरी 22
अवधि – 00 घण्टे 51 मिनट्स
22वाँ फरवरी को, शिवरात्रि पारण समय – 06:54 ए एम से 03:25 पी एम
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 06:15 पी एम से 09:25 पी एम
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 09:25 पी एम से 12:34 ए एम, फरवरी 22
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 12:34 ए एम से 03:44 ए एम, फरवरी 22
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 03:44 ए एम से 06:54 ए एम, फरवरी 22
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ – फरवरी 21, 2020 को 05:20 पी एम बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त – फरवरी 22, 2020 को 07:02 पी एम बजे

