Lohri 2020: मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2020 Date) से एक दिन पहले देश भर में लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। आमतौर पर मकर संक्रांति 14 जनवरी को और लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को आता है। लेकिन इस बार मकर संक्रांति की तारीखों को लेकर ही उलझन बना हुआ है। पंचांग अनुसार सूर्य का मकर राशि में गोचर 15 जनवरी को 02:23 ए एम पर हो रहा है। इस लिहाज से मकर संक्रांति 15 जनवरी को पड़ रही है और लोहड़ी 14 जनवरी को। लेकिन कई जगह लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को भी मनाया जायेगा।
लोहड़ी का महत्व: ये पर्व आनंद और खुशियों का प्रतीक होता है। इस पर्व को शरद ऋतु के अंत के तौर पर मनाया जाता है। इसके बाद से ही बड़े दिन भी शुरू हो जाते हैं। मुख्य तौर पर ये पर्व सिख धर्म के लोगों द्वारा मनाया जाता है। ये त्योहार पंजाब और हरियाणा में काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। किसान इस दिन ईश्वर का आभार प्रकट करते हैं ताकि उनकी आने वाली फसल अच्छी रहें।
कैसे मनाया जाता है लोहड़ी का पर्व: इस पर्व को शाम के समय मनाया जाता है। इस दिन मूंगफली, गुड़, तिल और गजक का खास तौर पर प्रयोग किया जाता है। शाम के समय लोग अपने घर के पास खुली जगह पर लोहड़ी जलाते हैं। अग्नि में मूंगफली, गजक, तिल और मक्का डालकर इसकी परिक्रमा की जाती है। लोग इस अग्नि के पास लोकगीत गाते हुए उत्साह के साथ इस पर्व को मनाते हैं। ये त्योहार नवविवाहितों के लिए खास माना जाता है। इस दिन नये शादीशुदा जोड़े अग्नि में आहुति देकर अपने सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हैं। इस दिन दुल्ला भट्टी को याद किया जाता है जिन्होंने पंजाब की लड़कियों की रक्षा की थी।
[bc_video video_id=”6001577259001″ account_id=”5798671092001″ player_id=”JZkm7IO4g3″ embed=”in-page” padding_top=”56%” autoplay=”” min_width=”0px” max_width=”640px” width=”100%” height=”100%”]
ऋतु परिवर्तन से जोड़ा जाता है यह पर्व: इस पर्व को वसंत ऋतु के आगमन के तौर पर भी मनाया जाता है। इसलिए इस दिन आग जलाकर उसमें रवि के फसलों को अर्पित किया जाता है। देवताओं को नई फसलों का भोग लगाकर उनसे धन और संपन्नता की कामना की जाती है।
