Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj: कई बार होता है कि आप खूब पूजा पाठ करते हैं और भगवान के प्रति पूरी श्रद्धा रखते हैं। लेकिन आपको वैसे फलों की प्राप्ति नहीं होती है जैसी कि आपने इच्छा की है। ऐसे में आप खुद और भगवान को कोसने लगते हैं। वहीं कुछ लोग आपके आसपास ऐसे होंगे, जो किसी पूजा-पाठ किए बगैर खूब सफलता हासिल होने के साथ अमीर होता है। ऐसे ही एक सवाल प्रेमानंद महाराज से एकांतिक वार्तालाप में एक व्यक्ति ने पूछा। उन्होंने महाराज जी से कहा कि कुछ लोग तो पूजा-पाठ भी नहीं करते फिर भी इतने सफल क्यों हैं? इसका जवाब प्रेमानंद महाराज जी ने कुछ इस तरह से दिया…
महाराज जी से एक व्यक्ति ने पूछा कि बहुत से लोग बिना पूजा-पाठ किए भी सफल दिखते हैं। इस सवाल का जवाब देते हुए प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि इसका कारण प्रारब्ध यानी हमारे पिछले जन्मों के कर्मों का फल है। हर व्यक्ति अपने पुराने कर्मों का फल भोगता है। कुछ लोग भले ही आज गलत काम करते हों, लेकिन उनके पिछले जन्म के अच्छे कर्मों का फल अभी चल रहा होता है, इसलिए वे आराम से रहते हैं। जब उनके पुराने बुरे कर्मों का समय आएगा, तब उन्हें भी उसका परिणाम मिलेगा।
महाराज जी आगे कहते है कि इसी के उल्टा कुछ अच्छे और धार्मिक लोग, नाम-जप करने वाले लोग भी कठिनाइयों से गुजरते हैं। वे आज पुण्य कर रहे होते हैं, लेकिन उनके पिछले बुरे कर्मों का प्रारब्ध उन्हें रोक रहा होता है। ऐसे समय निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि एक दिन प्रारब्ध खत्म होगा और हमारे अच्छे कर्मों का फल जरूर मिलेगा।
प्रेमानंद जी समझाते हैं कि जीवन में बार-बार असफलता मिले, नौकरी न मिले, काम बिगड़ जाए तो यह मानकर बैठ जाना गलत है। अगर एक रास्ता बंद हो जाए तो दूसरा अपनाना चाहिए। पढ़ाई से काम न चले तो छोटा व्यापार करो, मजदूरी करो, रिक्शा चलाओ। यह सब इज्जत का काम है। मेहनती आदमी, चाहे छोटे काम से शुरू करे, धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। सफलता सिर्फ बड़ी नौकरी से नहीं मिलती, बल्कि ईमानदारी और प्रयास से मिलती है।
भगवान कठोर नहीं हैं। वे हमारे समर्पण को देखते हैं और कई बार परीक्षा लेते हैं। खानपान में, परिवार में, कठिन परिस्थितियों में। अगर हम इन परीक्षाओं में धैर्य रखकर आगे बढ़ते हैं, तो फिर भगवान अपनी कृपा ज़रूर देते हैं। जिस तरह सुदामा कई दिनों भूखे रहे, लेकिन अंत में भगवान ने उन्हें इतना दिया कि उनकी पूरी जीवन बदल गई। ऐसा ही किसी भी भक्त के साथ हो सकता है।
वीडियों में प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि अपने कष्टों को देखकर भगवान पर अविश्वास नहीं करना चाहिए। भगवान हर हाल में साथ हैं। आज गरीबी है तो कल अमीरी भी आ सकती है। सबसे बड़ा धन राम-नाम है, जो कभी खत्म नहीं होता। इसलिए जीवन में चाहे कितनी मुश्किलें आएं, हमें ईमानदारी, मेहनत और अच्छे आचरण को नहीं छोड़ना चाहिए। असफलता मिले तो रास्ता बदलो, पर रुकना मत। भगवान पर विश्वास रखो, नाम-जप करते रहो, मस्त रहो। सही समय आने पर जीवन जरूर बदलेगा।
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
