Chanakya Niti: चाणक्य नीति (Chanakya Niti/ Chanakya Niti For Money) में जीवन से जुड़े हर पहलू के सवाल का जवाब है। माना जाता है कि चाणक्य को सभी विषयों की समझ थी। इतिहास के जानकार यह जानते हैं कि चाणक्य राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक पहलू को कितनी बारीकी से जानते थे। चाणक्य की बुद्धिमानी पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इसलिए आज भी लोग किसी भी कार्य को करने से पहले उस पर चाणक्य के विचार जानना चाहते हैं। जानिये आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के चाणक्य के उपाय –

चाणक्य नीति में यह कहा जाता है कि जो व्यक्ति पक्षियों की सेवा करता है। उनके लिए दाने-पानी की व्यवस्था करता है। वह व्यक्ति अपने जीवन में धन आगमन के रास्ते खोल लेता है। बेजुबान पक्षियों की सेवा करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर की तिजोरी को धन से भर देती हैं।

जिस घर में देवी देवताओं का आदर सम्मान किया जाता है। उनको याद कर प्रणाम किया जाता है और दीप प्रज्वलित किया जाता है। ऐसे घरों में हमेशा धन-संपत्ति के भंडार लगे रहते हैं। उस परिवार के सदस्यों को कभी भी धन के अभाव की वजह से परेशानियां नहीं झेलनी पड़ती है। कहते हैं कि ऐसे घरों के सभी आर्थिक कार्य देवी लक्ष्मी स्वयं पूरे करती हैं।

कुष्ठ रोगियों की मदद करने से व्यक्ति अपने जीवन में धन आगमन में रोक लगाने वाले विषयों का नाश कर लेता है। माना जाता है कि जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से कुष्ठ रोगियों की सेवा करता है उस पर भगवान कुबेर अपनी कृपा दृष्टि बरसाते हैं। जिसके फलस्वरूप घर की तिजोरी भर जाती है।

जो व्यक्ति गाय माता की सेवा करता है हिंदू धर्म में उसे बहुत पुण्यात्मा माना जाता है। कहते हैं कि गाय माता में सभी देवी-देवता निवास करते हैं। इसलिए उनकी सेवा करने से सभी देवी-देवताओं की सेवा हो जाती है। जिससे प्रसन्न होकर घर में अपार धन-संपत्ति आती है।

चाणक्य नीति में यह कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने धर्म को व्यर्थ खर्च नहीं करता है। साथ ही उस धन को ऐसे कार्यों में लगाता है। जिससे धन और बड़े ऐसे व्यक्ति के घर में कभी धन की कमी नहीं होती है।