ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि शरीर के कुछ ऐसे हिस्से होते हैं जो व्यक्ति के स्वभाव के साथ उसके भविष्य के बारे में भी संकेत दे सकते हैं। शरीर के हिस्सों के साथ व्यक्ति के हाव-भाव से भी स्वभाव को पहचाना जा सकता है। हर व्यक्ति अपने पार्टनर के स्वभाव के बारे में जल्द से जल्द जानने की इच्छा रखता है, लेकिन स्वभाव ऐसी चीज है जो समय के साथ ही सामने आती है। यहीं पर ज्योतिष शास्त्र की शाखा समुद्रशास्त्र के अनुसार माना जाता है कि व्यक्ति के बोलने से भी उसके व्यवहार की पहचान की जा सकती है।
– ऊंचे स्वर में बोलने वाले लोगों के लिए माना जाता है कि वो अपनी आवाज से दूसरों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करवाना चाहते हैं या अपने ज्ञान को ध्वनि के जोर से दूसरों पर थोपने का प्रयास करते हैं।
– कई लोग बहुत ही तेजी से बात को बोल जाते हैं कि कुछ समझ नहीं आता है। ऐसे लोगों के लिए माना जाता है कि उनमें किसी बात को छुपाने का साहस भी नहीं होता है और ना ही अपनी बात को सबके सामने रखने की हिम्मत होती है। ऐसे लोगों को धोखेबाज माना जाता है।
– कई लोगों की आवाज में बहुत शक्ति होती है, उनकी ध्वनि से लगता है कि कोई शेर गुर्रा रहा है। ऐसे लोगों के लिए माना जाता है कि वो विद्वान, ज्ञानी, मनन और चिंतन प्रिय, गंभीर और धैर्यवान चरित्र वाले होते हैं।
– धीरे और हकलाकर बोलने वाले लोगों के लिए माना जाता है कि वो असंतुलित, अविकसित बुद्धि, अज्ञान, संकुचित, कामचोर और असफल व्यक्ति होते हैं।
– गंभीर और संतुलित स्वर में बात करने वाले लोगों के लिए माना जाता है कि उनका मस्तिष्क उच्च कोटि का है। ऐसे लोग अपने परिवार के लिए जिम्मेदार रहते हैं। ये समाजसेवा के कार्यों से जुड़े होते हैं। हर काम को व्यवस्थित रुप से करना ही इन्हें पसंद होता है।
– यदि किसी महिला की आवाज सामान्य से अधिक ऊंची रहती है तो उस महिला के लिए माना जाता है कि वो अंहकार से भरी है और अनुशासित रहती है। ये प्रशासनिक विभाग में किसी ऊंचे पद पर जा सकती है। इसी के साथ परिवार पर पूरा नियंत्रण इसी महिला का हो सकता है।
– हंस और कोयल जैसी ध्वनि वाली महिला को सर्वगुण संपन्न माना जाता है।


