Top 10 Prediction of Virgo in 2026: सबसे पहले कन्या राशि के जातकों के लिए वर्ष 2026 के प्रमुख ग्रह गोचर को समझना आवश्यक है। शनि देव आपकी कुंडली में सप्तम भाव में गोचर करेंगे। देवगुरु बृहस्पति दशम भाव में रहेंगे और 2 जून 2026 को एकादश भाव में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 18 अक्टूबर को गुरु बारहवें भाव में चले जाएंगे। केतु बारहवें भाव में और राहु छठे भाव में गोचर करेंगे। शनि देव 27 जुलाई को वक्री होंगे और 5 दिसंबर को मार्गी होंगे। सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल वर्ष भर राशि परिवर्तन करते रहेंगे और इन्हीं ग्रहों के संयोग से 2026 की प्रमुख घटनाएं बनेंगी। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। जानें पंडित केपी शुक्ल से कन्या राशि के जातकों की वो 10 बड़ी भविष्यवाणियां, जो आपके भाग्य का रुख बदल सकती हैं…
पहली प्रमुख घटना: आय के नए स्रोत बनने के योग
यह घटना पहले ही शुरू हो चुकी है। मंगल आपकी कुंडली में चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं और गुरु की मंगल पर दृष्टि बन रही है। गुरु-मंगल संबंध बनने से आय के एक से अधिक स्रोत बनने के योग बनते हैं। यदि आप प्रयास करेंगे तो आपकी आमदनी में स्पष्ट वृद्धि होगी।
चौथा भाव प्रॉपर्टी से जुड़ा होता है, इसलिए मकान, भूमि, रेंट, लीज या प्रॉपर्टी की बिक्री से लाभ संभव है। मंगल तीसरे भाव के स्वामी भी हैं, जिससे ऑनलाइन बिजनेस, टूर-ट्रैवल और कम्युनिकेशन से जुड़ी गतिविधियों से अतिरिक्त आय हो सकती है। मंगल अष्टम भाव के स्वामी होने के कारण रियल एस्टेट से अचानक लाभ के योग भी बनते हैं।
दूसरी प्रमुख घटना: संतान, शिक्षा और इनकम में वृद्धि
इस अवधि में सूर्य और मंगल मकर राशि में पंचम भाव में गोचर करेंगे। मंगल अपनी उच्च राशि में होंगे और सूर्य के साथ युति बनाएंगे। पंचम भाव संतान, शिक्षा और बुद्धि का भाव होता है। नवविवाहित और संतान इच्छुक जातकों के लिए संतान प्राप्ति के प्रबल योग बनते हैं। विद्यार्थियों के लिए यह समय अत्यंत लाभकारी रहेगा। सूर्य-मंगल की दृष्टि एकादश भाव पर पड़ेगी, जिससे आय में वृद्धि होगी। साथ ही उच्च पदस्थ अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं से संबंध मजबूत होंगे। विदेशों से भी लाभ मिलने के संकेत मिलते हैं।
तीसरी प्रमुख घटना: शत्रु, कर्ज और रोग से मुक्ति
इस अवधि में राहु और मंगल छठे भाव में अंगारक योग बनाएंगे। यह योग अत्यंत शक्तिशाली होता है और छठे भाव से जुड़े नकारात्मक विषयों को समाप्त करता है। शत्रुओं पर विजय मिलेगी, कर्ज से मुक्ति का मार्ग खुलेगा और लंबे समय से चल रही बीमारी में राहत मिलेगी। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता के योग बनते हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल है, बशर्ते वे पूरी ऊर्जा और मेहनत के साथ प्रयास करें।
चौथी प्रमुख घटना: रिश्तों में सावधानी की आवश्यकता
इस अवधि में सूर्य, मंगल और शुक्र पंचम भाव में एक साथ रहेंगे। यह योग प्रेम संबंधों में आकर्षण बढ़ाता है, लेकिन सावधानी भी जरूरी है।यदि आप गंभीर रिश्ते में हैं और विवाह की दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो विवाह के बाद भाग्योन्नति और धन लाभ के योग बनते हैं। लेकिन विवाहित जातकों के लिए इस समय किसी भी प्रकार के एक्स्ट्रा मैरिटल संबंध अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं। धन हानि, बदनामी और मानसिक तनाव की संभावना रहती है, इसलिए विशेष सावधानी रखें।
पांचवीं प्रमुख घटना: करियर में उन्नति और सम्मान
इस अवधि में सूर्य दशम भाव में गोचर करेंगे और दिग्बली होंगे। यह समय करियर के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। प्रमोशन, पद-प्रतिष्ठा, सरकारी लाभ और रुके हुए कार्यों की पूर्ति के योग बनते हैं। सामाजिक मान-सम्मान और स्टेटस में वृद्धि देखने को मिलेगी।
छठी प्रमुख घटना: धन, परिवार और विवाह योग
इस समय शुक्र नवम भाव में गोचर करेंगे। शुक्र नवम और द्वितीय भाव के स्वामी हैं, इसलिए यह समय धन प्राप्ति, भाग्य वृद्धि और पारिवारिक सुख के लिए श्रेष्ठ रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा, घर में सुख-शांति बनी रहेगी और विवाह के भी प्रबल योग बनेंगे। विवाह के बाद भाग्योन्नति स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
सातवीं प्रमुख घटना: विपरीत राजयोग और अचानक लाभ
इस अवधि में मंगल अष्टम भाव में गोचर करेंगे और विपरीत राजयोग बनाएंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक रहेगा, लेकिन मंगल की दृष्टि एकादश भाव पर पड़ने से अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद, कोर्ट केस या अटके हुए मामले इस समय अतिरिक्त प्रयास करने पर आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं।
आठवीं प्रमुख घटना: परिवर्तन योग और विदेशी लाभ
इस समय सूर्य वृश्चिक राशि में और मंगल सिंह राशि में होंगे, जिससे सूर्य-मंगल का परिवर्तन योग बनेगा। आत्मविश्वास, पराक्रम और ऊर्जा में जबरदस्त वृद्धि होगी।
नौवीं प्रमुख घटना: परिवर्तन योग और करियर में लाभ
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, डिजिटल बिजनेस, कम्युनिकेशन और विदेशी संपर्कों से बड़ा लाभ मिल सकता है। इसके बाद सूर्य-गुरु का परिवर्तन योग बनेगा, जिससे घर, वाहन, प्रॉपर्टी और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
दसवीं और सबसे महत्वपूर्ण घटना: शुक्र का विशेष गोचर
शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जो आपके धन भाव में स्थित है। यह समय धन वर्षा, बचत और आर्थिक मजबूती का संकेत देता है। शुक्र के वक्री और मार्गी होने के दौरान लग्न में प्रवेश से विवाह, पार्टनरशिप बिजनेस, पारिवारिक सुख, यात्रा और धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे। उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा के योग भी बनते हैं। कला, संगीत, नृत्य, अभिनय, लेखन, फैशन डिजाइनिंग, फिल्म इंडस्ट्री, ब्यूटी, डेकोरेशन और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े जातकों के लिए यह समय अत्यंत शुभ रहेगा।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणामों में भिन्नता हो सकती है। किसी भी बड़े निर्णय से पहले विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
