Jyotish Shastra: शादी के कुछ सालों बाद हर दंपति को संतान सुख हासिल करने की चाहत होती है। महिलाओं के लिए तो मातृत्व सुख की अनुभूति का वर्णन करना भी आसान नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि संतान सुख की प्राप्ति होगी या नहीं ये कुंडली में ग्रहों की कैसी दशा है इस पर भी निर्भर करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली का पांचवां, नौवां और ग्यारहवां भाव संतान सुख से संबंध रखता है। इसके साथ ही कुंडली के सप्तम भाव को भी गर्भ का भाव माना गया है। माना जाता है कि इन भावों की स्थिति खराब होने से संतान सुख की प्राप्ति में दिक्कत आने लगती है। इसके अलावा, अगर महिला की कुंडली में बांझ योग होता है तो भी उन्हें संतान सुख आसानी से नहीं मिलता। ऐसे में आइए जानते हैं क्या हैं उपाय-

महिलाओं में ये योग माने जाते हैं खराब: ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अगर किसी महिला की कुंडली में पंचम भाव का स्वामी सप्तम भाव में और सप्तम भाव का स्वामी अशुभ ग्रहों के साथ हो तो बांझ योग बनता है। ऐसे में इन महिलाओं को संतान सुख पाने में विलंब हो सकता है। वहीं, ऐसी महिलाओं को भी मातृत्व सुख पाने में समस्याएं होती हैं जिनकी कुंडली में पंचम भाव बुध ग्रह की वजह से अशुभ हो गया हो या फिर कुंडली के सप्तम भाव में शत्रु राशि रहे। इसके अलावा, अगर कुंडली के पंचम भाव में शनि या राहु की दृष्टि हो तो भी संतान सुख जल्दी प्राप्त नहीं होता है। सप्तम भाव में सूर्य या शनि नीच का होने पर भी संतान प्राप्ति में दिक्कत हो सकती है।

इन उपायों का महिलाएं कर सकती हैं इस्तेमाल: ज्योतिषाचार्यों की मानें तो महिलाएं संतान सुख की प्राप्ति के लिए हरिवंश पुराण का पाठ कर सकती हैं। इसके अलावा, गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करना भी उन महिलाओं के लिए लाभप्रद माना गया है जिन्हें संतान सुख में विलंब हो रहा है। महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए गाय के दूध का सेवन भी कर सकती हैं। वहीं, शिव-पार्वती की रोज पूजा करने से भी महिलाओं को संतान प्राप्ति में आ रहीं अड़चनें दूर हो जाती हैं।

पति-पत्नी कर सकते हैं ये उपाय: ज्योतिष शास्त्र के संतान सुख के लिए अनुसार न केवल महिलाएं बल्कि पुरुषों की कुंडली देखना भी जरूरी है। ज्योतिषाचार्यों ने कई साल बीत जाने के बाद भी जो दंपति संतान सुख से वंचित हैं उनके लिए कई सुझाव बताए हैं। उनके अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को नियमित रूप से पूजने पर कोख जल्दी भरती है। वहीं, मान्यता है कि अगर पति-पत्नी हर सुबह जल में हल्दी मिलाकर सूर्य देव को अर्पित करेंगे तो इससे भी घर में बच्चों की किलकारी जल्दी गूंजती है। इसके अलावा, संतान सुख की प्राप्ति के लिए पति-पत्नी द्वारा एकादशी का व्रत करना अहम माना गया है।