ज्योतिष के अनुसार सभी ग्रहों का निश्चित समय और अवधि में राशि परवर्तन होता है। ग्रहों के राशि परिवर्तन को ज्योतिष में गोचर कहा जाता है। वहीं जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन कर अगली राशि में जाकर पीछे वाली राशि में जाता है तो उसे वक्री कहा जाता है। ग्रहों का गोचर हो या वक्री, दोनों ही स्थितियों में इसका प्रभाव राशिचक्र की सभी राशियों पर पड़ता है।
दरअसल देवगुरु बृहस्पति 22 अप्रैल 2019 को वृश्चिक राशि में वक्री हो रहे हैं। इस स्थिति में देवगुरु 11 अगस्त 2019 तक रहेंगे। कुंडली में बृहस्पति नौकरी, व्यापार और वैवाहिक जीवन का कारक ग्रह होता है। ऐसे में बृहस्पति का यह राशि परिवर्तन सभी राशियों पर प्रभाव डालेगा। आगे जानते हैं वक्री बृहस्पति सभी राशियों पर क्या असर डालेगा।
मेष: इस राशि के आठवें भाव में बृहस्पति प्रवेश करने वाले हैं। बृहस्पति का वक्री होने से आपका रोमांटिक लाइफ प्रभावित होगा। साथ ही पार्टनर के साथ आपके संबंध सौहार्दपूर्ण नहीं रहेंगे। धार्मिक कार्यों की तरफ रुझान बढ़ सकता है। सेहत का खासतौर पर ख्याल रखना होगा। पेट से संबंधित तलकीफ परेशान कर सकती है। साथ ही वक्री के दौरान अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं।
वृषभ: बृहस्पति इस राशि के सातवें भाव में प्रवेश करेंगे। यह भाव पति-पत्नी, बिजनेस और पार्टनर का होता है। बृहस्पति का वक्री आपके लिए काफी उतार-चढ़ाव को लेकर आ रहा है। जीवन के विभिन्न क्षेत्र में आपको अपने स्किल को निखारने का मौका मिलेगा। इसके अलावा शादी योग्य लोगों को इसमें बाधा आएगी। वहीं आर्थिक नुकसान के भी योग हैं। करियर में भी कुछ दिक्कतें आ सकती है। जिसमें नौकरी छूटना या छोड़ने जैसी नौबत भी आएगी।
मिथुन: आपकी राशि के छठे भाव में बृहस्पति प्रवेश करेगा। बृहस्पति के इस परिवर्तन से आपको कामकाजी जीवन में कुछ हद तक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। संतान पक्ष से चिंता बढ़ सकती है। साथ ही वैवाहिक जीवन में कठिनाई आएगी। इसके अलावा आपको किसी प्रकार का कोई नया निर्णय सोच-समझकर लेना होगा।
कर्क: देवगुरु बृहस्पति आपकी कुंडली के पांचवें भाव में प्रवेश करेंगे। बृहस्पति के इस वक्री के दौरान आपकी सुख-सुविधा में बढ़ोतरी तो होगी लेकिन खर्च बहुत अधिक बढ़ेगे। साथ ही इस समय भाग्य आपका साथ नहीं देगा। जिसके परिणामस्वरूप ऑफिस में अथवा कार्यस्थल पर अधिकारी नाखुश रहेंगे। वहीं कुछ लोग ऐसे होंगे जो आपकी छवि को धूमिल करेंगे।
सिंह: आपकी राशि के चौथे भाव में देवगुरु बृहस्पति का वक्री होने वाला है। इस दौरान आपको सबसे अधिक अपनी माता की सेहत का ख्याल रखना होगा। किसी भी बात या बीमारी को हल्के में ना लें। वक्री ग्रह के प्रभाव से आलस्य बढ़ेगा। लव लाइफ या वैवाहिक जीवन में बदलाब होगा और लाभ मिलेगा। साथ ही इस समय भाग्य भरोसे बैठना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है।
कन्या: बृहस्पति ग्रह वक्री कर आपकी कुंडली के तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे। इस समय नई पार्टनरशिप या नया बिजनेस करने के बारे में दुगुनी सोच रखनी होगी। यात्रा के योग बन रहे हैं। साथ ही अचानक धन लाभ भी हो सकता है। पार्टनरशिप में किए गए कोई भी कोई भी नया काम आपको परेशानी में डाल सकते हैं।
तुला: आपकी राशि के दूसरे भाव में बृहस्पति प्रवेश करेंगे। परिवार में नए मेहमान के आने से परेशानी होगी। वक्री के दौरान जीवन में ठहराव महसूस कर सकते हैं। कुछ अच्छा करने के लिए कठिन मेहनत करनी होगी। वहीं पर्सनल लाइफ और वैवाहिक लाइफ आपके लिए शानदार रहने वाला है।
वृश्चिक: देवगुरु मार्गी होकर आपकी कुंडली के प्रथम भाव में प्रवेश करेंगे। यदि किसी योजना में निवेश करने जा रहे हैं तो इस पर आपको फिर से विचार करना चाहिए। इस समय आपको कुछ लोग गलत सलाह भी देंगे। ऐसे लोगों से सावधान रहें। करियर को लेकर नए अवसर मिलेंगे। नई जॉब मिल सकती है या कोई नया व्यापार शुरू कर सकते हैं। वहीं आपको इस अवधि में नया दुश्मन आपको परेशान कर सकता है। साथ ही आपको इस समय शादी के रिश्ते लगभग बनते हुए नजर आएंगे। सेहत का ख्याल रखें।
धनु: बृहस्पति आपकी राशि के 12 वें घर में प्रवेश करेंगे। इस समय आपको अपने काम में तेजी लाने के लिए मेहनत करना होगा। शत्रुओं से सावधान रहने की आवशकता है। कामकाज में आलस्य बढ़ेगा, जिससे असंतुष्टि होगी। वक्री के दौरान गलत रेलशनशिप बनने से इज्जत खराब हो सकती है। फिजूलखर्ची बढ़ेगी।
मकर: मकर राशि के जातकों में बृहस्पति 11वें भाव में प्रवेश करेगा। जिस कारण इस समय आपको अपने आर्थिक लाभ में रुकावट महसूस होगा। नया बिजनेस या जॉब को शुरू करने से पहले धींढोरा पीटने से बचें। अन्यथा नुकसान हो सकता है।
कुंभ: देवगुरु बृहस्पति आपकी कुंडली में कर्म स्थान यानि 10वें भाव में बैठेंगे। इस वक्री के दौरान आपको अपने पिता के साथ अच्छे संबंध बनाने होंगे। क्योंकि कुछ कारणों की वजह से आपको अपने पिता से दूरियां बढ़ेगी। नींद से संबंधित समस्या परेशान करेगी। इसके अलावा आपको इस काम समय नए अवसर मिलेंगे। अकेलापन और आलस्य को दूर कर आगे बढ़ने से लाभ होगा। रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी।
मीन: देवगुरु वक्री होकर आपके भाग्य स्थान पर प्रवेश करेंगे। इस कारण आपको धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। इस दौरान आप जितना अधिक दान-पुण्य करेंगे उतना ही आपकी राशि से वक्री का प्रभाव कम होगा। सेहत पर ध्यान रखना होगा। पेट से संबंधित समस्या परेशान करेगी। साथ ही वक्री की अवधि में भाग्य आपका साथ देगा। लोगों से उलझकर अपनी इमेज खराब कर सकते हैं। भौतिक सुख सुविधा में वृद्धि होगी। माता जी के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा।

