Jaya Kishori: जया किशोरी को उनकी कथाओं के लिए जाना जाता है। वो देश-विदेश में ‘नानी बाई रो मायरा’ और ‘श्रीमद्भागवत कथा’ करने के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके फॉलोअर्स को उनकी अनूठी कथा वाचन शैली बहुत पसंद आती है। उन्होंने छोटी उम्र में ही अध्यात्म के क्षेत्र में बहुत अधिक प्रसिद्धि हासिल कर ली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बचपन में जया किशोरी एक वेस्टर्न डांसर बनना चाहती थीं।
सोनी टीवी के पॉपुलर शो बूगी वूगी में क्लासिकल डांस परफोर्म करने के बाद जया किशोरी के माता-पिता ने स्वयं इस बात को स्वीकारा था कि जया वेस्टर्न डांसर बनना चाहती थीं, लेकिन उनके परिवार के सदस्यों को उनका वेस्टर्न डांस पैशन पसंद नहीं था। साथ ही उनके पिता ने बताया था कि उनके रिश्तेदार डांस और सिंगिंग को अच्छा नहीं मानते हैं। इसलिए उनके माता-पिता ने जया को क्लासिकल डांस करने के लिए प्रेरित किया।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जया किशोरी को उस शो के बाद कभी क्लासिकल डांस करते हुए भी नहीं देखा गया। दरअसल छोटी उम्र से ही जया किशोरी ने कथा, सत्संग और भजन आदि करते हुए अध्यात्म का क्षेत्र चुन लिया था। इसके पीछे यह वजह बताई जाती है कि किशोरी जी के घर-परिवार में हमेशा से ही श्री कृष्ण की पूजा और भक्ति करने का माहौल रहा है और उन्हें बचपन से ही कथा, प्रवचन और भजन आदि याद थे।
साथ ही उनके परिवार के सदस्य कथा वाचन के कार्य को अच्छा मानते थे, इसलिए जया किशोरी ने अपना डांसर बनने का सपना भूलकर कथावाचिका बनने का ठाना था। आज वो अध्यात्म के क्षेत्र में बहुत अधिक तरक्की हासिल कर चुकी हैं। उनके लाखों अनुयायी हैं, जिन्हें जया किशोरी की कथा वाचन शैली के अलावा उनके लाइफ मैनेजमेंट टिप्स, मोटिवेशनल स्पीच और ‘टॉक ऑन स्प्रिचुएलिटी’ (Talk On Spirituality) बहुत पसंद हैं।
आपको बता दें कि कथा और सत्संग आदि के अलावा जया किशोरी पढ़ाई भी करती हैं। उन्होंने कोलकाता के वर्ल्ड बिरला कॉलेज से ओपन स्कूलिंग के जरिए बी.कॉम की पढ़ाई की है। उनके करीबी बताते हैं कि जया को पढ़ने-लिखने का बहुत शौक है और वह समय मिलने पर अध्यात्म और एकेडमी से जुड़ी हुई किताबें पढ़ती हैं। साथ ही उन्हें लिखना भी बहुत पसंद है।
