Moles Meaning In Hindi: सामुद्रिक शास्त्र में शरीर के अंग, उनकी बनावट और उस पर बनें निशानों को देखकर बताया जाता है कि व्यक्ति के जीवन पर इनका क्या असर पड़ता है। इस शास्त्र में शरीर के काले और लाल तिलों के प्रभावों के बारे में भी बताया जाता हैं। इसकी रचना ऋषि समुद्र ने की थी इसलिए इस शास्त्र को समुद्र शास्त्र या सामुद्रिक शास्त्र कहा जाता है। कहते हैं कि यह शास्त्र व्यक्ति और उसके जीवन से जुड़े विषयों के बारे में सटीक गणना करने में सक्षम है। जानिये ऐसे तिलों के बारे में जो आपके जीवन में विदेश यात्रा के योग बनाते हैं।

अगर किसी पुरुष के दाहिने पैर के तलवे पर तिल है तो ऐसे व्यक्ति के विदेश यात्रा करने के प्रबल योग बनते हैं। जबकि बाएं पैर के तलवे पर तिल होना बहुत अधिक यात्राओं को दर्शाता है। लेकिन यह यात्राएं विदेश की नहीं होती हैं।

स्त्री के दाहिने पैर के तलवे पर तिल होने से उसे घुमक्कड़ माना जाता है। जबकि बाएं पैर के तलवे पर तिल होने से स्त्रियों के जीवन में विदेश यात्रा के योग बनते हैं। स्त्रियों के लिए बाएं पैर में तिल को बहुत शुभ माना जाता है। यह इनके जीवन में शुभता लेकर आता है।

सामुद्रिक शास्त्र में कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की पीठ के ऊपरी हिस्से पर तिल होता है तो ऐसा व्यक्ति विदेश यात्राएं करता है। पीठ पर तिल होने से अनेकों बार विदेश की यात्रा करने का मौका मिलता है। पीठ के ऊपरी हिस्से पर तिल को स्त्रियों और पुरुषों दोनों के लिए शुभ माना जाता हैं।

माना जाता है कि जिस व्यक्ति के सीने पर तिल होता है वह तिल अपने प्रभाव से व्यक्ति को विदेश की ओर खींचता है। ऐसा व्यक्ति विदेश यात्राएं करने में सक्षम होता है। सीने पर तिल बहुत प्रभावशाली होता है। वह व्यक्ति को विदेश यात्रा जरूर करवाता है।

जिस व्यक्ति के जीवन में विदेश यात्रा के योग होते हैं उनकी दाहिनीं बगल में तिल जरूर होता है। कहते हैं कि ऐसा तिल व्यक्ति को उसके जन्म स्थान से दूर रखता है। साथ ही विदेशी धन से ही ऐसे व्यक्ति का पालन पोषण होता है।