Holi In 2020: रंगों का त्योहार होली इस साल 10 मार्च को मनाया जायेगा। नये साल के आने की खुशी में ये पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई देते हैं। ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण ने राधा रानी के साथ सबसे पहले होली खेली थी। इसलिए ब्रज की होली आज भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां आप जानेंगे भारत की 7 ऐसी जगहों के बारे में जहां अलग ढंग से होली खेली जाती है…
बरसाने की लठमार होली: बरसाने की लठमार होली सबसे ज्यादा प्रचलित है। इसमें नंदगाव के पुरुष बरसाना के राधारानी के मंदिर में ध्वजा फहराने की कोशिश करते हैं जिन्हें लठमार कर बरसाने की महिलाएं दूर रखती हैं। नंदगांव में भगवान कृष्ण का लालन पालन हुआ था तो बरसाने में राधा रानी का। बरसाने की लठमार होली की परंपरा एक हफ्ते पहले से शुरू हो जाती है। इस लठमार होली के दौरान अगर पुरुष महिलाओं की पकड़ में आ जाते हैं तो उनकी जमकर कुटाई होती है और उन्हें महिलाओं के कपड़े पहनकर नाचना होता है।
मथुरा-वृंदावन में फूलों की होली: मथुरा में फूलों की होली से खेलने की परंपरा काफी पुरानी है। ये होली भी एक सप्ताह तक मनाई जाती है। वृंदावन सहित देश के कई हिस्सों में होली के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसमें नृत्य के साथ साथ एक दूसरे पर फूलों की बरसात की जाती है। होली से पहले पड़ने वाली एकादशी पर ये होली खेली जाती है।
पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन की बसंत-उत्सव होली: पश्चिम बंगाल में होली को बसंत उत्सव के रूप में मनाया जाता है। ये होली जिसकी शुरुआत रविंद्रनाथ टैगोर ने की थी इसे बंगाल की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी शांति निकेतन में मनाया जाता है। यहां सिर्फ अबीर और गुलाल से होली खेली जाती है। यूनिवर्सिटी के छात्र होली के दिन खास सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।
पंजाब की होला-मोहल्ला होली: पंजाब में होली के त्योहार को एक अलग ही ढंग से मनाया जाता है। इस दिन लोग एक जगह पर एकत्रित होकर तलवारबाजी, कुश्ती, मार्शल आर्ट्स जैसे करतबों का आयोजन करते हैं। इस सब चीजों का प्रदर्शन रंगों को गुलाल के बीच किया जाता है।
उदयपुर की शाही होली: यहां शाही अंदाज में होली खेली जाती है। यहां सिटी पैलेस में शाही निवास से मानेक चौक तक शाही जुलूस निकाला जाता है। जिसमें हाथी, घोड़ा से लेकर रॉयल बैंड भी शामिल होते हैं। साथ ही राजस्थानी हीत-संगीत इस पर्व की खूबसूरती को और भी अधिक बढ़ा देता है।
मणिपुर की होली: यहां 6 दिन तक होली मनाई जाती है। यहां होली के त्योहार पर फोक कलाकार अपना हुनर दिखाते हैं और गुलाल के रंगों में रंगे रहते हैं।
गोवा की होली: गोवा में भी होली का उत्सव मनाया जाता है। गोवा की होली को शिगमोत्सव के नाम से जाना जाता है। जिसे दो हफ्ते तक मनाया जाता है। गोवा की इस होली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें फागोत्सव और होली दोनों ही संस्कृतियों का मिश्रण होता है। यहां देवी देवताओं की पूजा करने के बाद जुलूस और झांकियां निकाली जाती हैं। जिस दौरान रंग से खेला जाता है।

