Rang Panchami 2020: रंगपंचमी चैत्र मास के कृष्ण पंचमी को मनाई जाती है। यह होली के पांच दिन बाद पड़ती है। रंगपंचमी को खास तौर पर मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसके अलावा देश के कुछ भागों में भी रंगपंचमी को धूमधाम से मनाई जाती है। शास्त्रों में रंगपंचमी को होली का ही एक भाग माना गया है जो चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से लेकर चैत्र कृष्ण पंचमी तक मनाई जाती है।
रंगपंचमी का गुलाल से नाता है इसलिए इसे रंग पंचमी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन हवा में गुलाल उड़ाने और एक दूसरे को लगाने से विभिन्न रंगों के प्रति देवता आकर्षित होते हैं। मान्यता ऐसी भी है कि इस दिन वातावरण में उड़ते हुए गुलाल व्यक्ति के अंदर सकारात्मक गुणों को भरते हैं और नकारात्मक उर्जा का नाश करते हैं।
एक अन्य मान्यता के अनुसार इस दिन वातावरण में उड़ते हुए गुलाल व्यक्ति के अंदर की तमोगुण और रजोगुण रूपी नकारात्मकता का नाश करते हैं। रंगपंचमी के दिन देश के कई भागों में पकावना आदि बनाकर इस पर्व को मनाया जाता है। हर त्यौहार के मौके पर अपने ईष्ट-मित्रों और चिर-परिचितों, रिश्तेदारों को हम शुभकामना संदेश भेजते हैं। ऐसे में हम आपको इस मौके पर भेजे जाने वाले शुभकामना संदेशों की जानकारी दे रहे हैं। ये संदेश हर किसी का ध्यान खींचने वाले हैं।
1. रंग पंचमी जैसे इन्द्रधनुष का प्यार,
चारो तरफ है रंगों की बौछाड़।
शुभकामनाये हैं तुम्हे हमारी,
लो झेलो मेरी रंग भरी पिचकारी॥
2. रंगो की बौछार से चेहरे पर मुस्कान आ जाती हैं।
रंगो की खूबियाँ हाल-ए-दिल बयाँ कर जाती हैं।
ये रंगो के त्यौहार ही तो यादों का हिस्सा हैं,
जो हर साल बीते लम्हों को जवां कर जाते हैं॥
3. रंग भरा पैगाम भेजा हैं तुम्हे,
इसे महज़ गुलाल ना समझना।
ये रंग खुशियों को बयाँ करते हैं,
इन्हें दिल की गहराईयों से कुबूल करना॥
4. कोई ने मारी पिचकारी,कोई ने लगाया गुलाल,
ये तो हैं रंगो का त्यौहार, हरा पीला या लाल
पर संदेश देता हैं बस खुशियों का
जम कर मनाओ त्यौहार रंगो का
5. सत रंगी रंगों की लिए बरसात
है आई रंग पंचमी की सौगात
चलो चलाये मिलकर पिचकारी
न बच पाये कोई भी नर नारि
6. गोकुल की गलियों में दौड़े किशन कन्हैया
गोपियाँ हैं पीछे आगे किशन कन्हैया
भर भर कर गुलाल मारे मोड़े कलाई
वृन्दावन में रंग उड़े कैसे गोपी किशन की याद ना आए
7. रंगो से सजे सभी का द्वार
किशन कन्हैया बंसी बजाए
हो जगत उद्धार
शुभ हो रंगपंचमी का त्यौहार
8. जीवन में हैं अनेक रंग
मिलते हैं जो हर तरंग
भर दे जो प्रेम के रंग
वही हैं त्यौहरो के सच्चे रंग
9. रंगों में हैं बस प्यार का संदेश
फैलाओं इसे हर देश परदेश
ना कोई हैं छोटा बड़ा
हम सब में बसा हैं देश रंगीला
10. अपनों के प्रेम में सराबोर हैं मन
सदा बना रहे यह प्रेम
बस यही हैं अभिनन्दन
हैप्पी रंगपंचमी
11. रंगो का हैं अपना मिजाज
सुनाते हैं खुशियों का साज
त्यौहारों में हैं खास मेरी होली
दिल से दिल मिलाओ और बोलो मीठी बोली
12. रंग पंचमी के वो दिन याद आते मुझे
जब भाई सब सताते मुझे
अब वो बचपन की होली कभी ना सजे
बस अपनों की यादे मेरे कानों में बजे
