Guru Chandal Yog In Kundali: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को पापी ग्रह माना जाता है। जिनका किसी शुभ ग्रह के साथ संयोग होने पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलने वाला है। बता दें कि ऐसे ही राहु और केतु के संयोग गुरु बृहस्पति से होने पर गुरु चांडाल योग का निर्माण होता है। ये दोष काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे माना जाता है कि कुंडली में बना गुरु चांडाल योग काफी खतरनाक माना जाता है। इस दोष के होने से जातक बदनाम होने के साथ-साथ गलत संगत में फंस सकता है। अपने जीवनकाल में कई तरह की समस्याओं का सामना कर सकता है। अगर गुरु बृहस्पति जन्म कुंडली के कुछ भावों में होकर नकारात्मक होता है, तो करियर, संतान, विवाह सहित कई क्षेत्रों में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं गुरु चांडाल योग कैसे बनता है और इसके दुष्प्रभावों को कैसे कम कर सकते हैं…
कैसे बनता है गुरु चांडांल योग?
गुरु चांडाल दोष तब बनता है जब देवगुरु बृहस्पति की युति राहु या केतु के साथ एक ही भाव में हो जाती है। यह ज्योतिषीय संयोजन जातक के जीवन में चुनौतियां ला सकता है। ऐसे में निर्णय क्षमता में भ्रम, नैतिक मूल्यों में गिरावट और व्यक्तित्व में अस्थिरता बन रहती है।
ऐसे पहचानें कि आपकी कुंडली में गुरु चांडाल योग है कि नहीं?
- कुंडली में गुरु चांडाल योग बनने से व्यक्ति की पद-प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान प्रभावित होने लगते हैं। नौकरी में किसी न किसी तरह की परेशानी बनी रहती हैं।
- छोटा हो या फिर बड़ा काम बार-बार गलतियां होने लगती हैं, जिनसे आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान उठाना पड़ सकता है।
- यदि इस योग में राहु अधिक शक्तिशाली हो, तो जातक गलत संगति में पड़ सकता है। ऐसे स्थिति में शराब, जुआ जैसे अनुचित कार्यों की ओर झुकाव बढ़ सकता है।
- छात्रों की कुंडली में यह योग बनने पर पढ़ाई में रुचि कम हो जाती है और ध्यान भटकने लगता है। ऐसे में शिक्षा पर बुरा असर पड़ सकता है।
- जातक अपने परिवार के खिलाफ हो जाता है। अपने विचारों में दृढ़ रहने के कारण मतभेद बना रहता है।
- धर्म और जाति के प्रति अत्यंत आलोचनात्मक हो जाता है।
- जीवन में सुख-शांति घटने लगती है और छोटी-बड़ी समस्याएं लगातार सामने आती रहती हैं।
- व्यक्ति जो भी प्रयास करता है, उसका नकारात्मक प्रभाव अधिक दिखाई देता है।
- वैवाहिक जीवन पर भी गुरु चांडाल योग काफी अधिक प्रभाव डालता है।
गुरु चांडाल योग से बचने के उपाय
- अगर आपकी कुंडली में ये दोष बना है, तो राहु को शांत रखना अति आवश्यक है। इसके लिए राहु संबंधी मंत्रों का जाप करना लाभदायक होता है। आप “ॐ राहु रां राहवे नमः” मंत्र का नियमित जाप कर सकते हैं।
- गुरु के दुष्प्रभाव को कम करने हेतु प्रतिदिन केले का पूजन करना शुभ माना जाता है।
- रोज़ाना हल्दी और चंदन का तिलक लगाना भी सकारात्मक परिणाम देता है।
- गुरु चांडाल योग के असर को कम करने के लिए पक्षियों को दाना खिलाना और दान-पुण्य करना अत्यंत उत्तम माना जाता है।
- प्रतिदिन हल्दी की माला से गायत्री मंत्र का 108 बार जप करना लाभकारी होगा।
- गुरुवार के दिन सोने या पीतल का चौकोर टुकड़ा सोने की चेन या पीले धागे में धारण करना भी लाभकारी हो सकता है।
क्या गुरु चांडाल योग हमेशा बुरा प्रभाव डालता है ?
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा नहीं है गुरु चांडाल योग हमेशा बुरा प्रभाव नहीं डालता है। अगर आपकी कुंडली में गुरु बृहस्पति और राहु के संयोग होता है, तो शिक्षा, करियर से लेकर चरित्र पर बुरा असर डालता है। लेकिन अगर कुंडली में ग्रहों की स्थिति अच्छी है। अगर बृहस्पति उच्च राशि में हो, केंद्र का स्वामी हो या फिर त्रिकोण में राहु के साथ हो, तो प्रभाव कम होता है। ऐसे में आपका अध्यात्म की ओर काफी अधिक झुकाव होता है। आप एक अच्छे शिक्षक, चिकित्सक या फिर विचारक बन सकते हैं। समाज में एक विशिष्ट स्थान पाते हैं। ये योग जातकों को अप्रत्याशित सफलता भी दिला सकता है। अगर जातक अपने कर्मों में सुधार करता है, तो काफी लाभ मिल सकता है।
नए साल में मिथुन, कर्क के साथ सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में वह साल के आरंभ में ही चंद्रमा के साथ युति करके गजकेसरी राजयोग का निर्माण करेंगे। ऐसे में 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से प्रभाव देखने को मिलने वाला है। लेकिन इन तीन राशि के जातकों को किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। जानें इन लकी राशियों के बारे में
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| मिथुन वार्षिक राशिफल 2026 | कर्क वार्षिक राशिफल 2026 |
| सिंह वार्षिक राशिफल 2026 | कन्या वार्षिक राशिफल 2026 |
| तुला वार्षिक राशिफल |
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
