Falgun Mahina 2020 (Festivals List 2020 Feb To March): 10 फरवरी दिन सोमवार से फाल्गुन मास की शुरुआत हो गयी है। हिंदू पंचांग अनुसार ये साल का आखिरी महीना माना जाता है। जिसे फागुन मास (Fagun Maas 2020) भी कहा जाता है। इसके बाद से हिंदू नववर्ष (Hindu New Year 2020) की शुरुआत हो जाती है। जिसका पहला महीना चैत्र होता है। फाल्गुन मास में कई बड़े त्योहार आते हैं जिनमें महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2020) और होली (Holi) महत्वपूर्ण पर्व हैं। जानिए और कौन-कौन से व्रत और त्योहार पड़ेंगे इस माह…
12 फरवरी, दिन बुधवार, द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी: इस बार फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी 12 फरवरी को पड़ रही है। जिसे द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन का प्रारंभ 12 फरवरी को 02:52 ए एम बजे से होगा और इसकी समाप्ति 12 फरवरी को 11:39 पी एम बजे पर होगी।
13 फरवरी, दिन गुरुवार, कुंभ संक्रांति: सूर्य जब भी अपनी राशि बदलता है तब तब संक्रांति मनाई जाती है। 13 फरवरी को सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहा है जिस कारण इस दिन कुंभ संक्रांति मनाई जायेगी।
19 फरवरी, दिन बुधवार, विजया एकादशी: हर माह में दो एकादशी तिथि पड़ती है। इस दिन श्री हरि की अराधना की जाती है। इसे समस्त पापों का हरण करने वाली तिथि भी कहा जाता है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी विजया एकादशी कहलाती है।
20 फरवरी, दिन गुरुवार, प्रदोष व्रत: हर माह की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव शंकर की अराधना की जाती है। इस व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है।
21 फरवरी, दिन शुक्रवार, महाशिवरात्रि: हिंदू धर्म के लोगों के लिए ये पर्व बेहद की खास माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की अराधना की जाती है। मनोकामना पूर्ति के लिए इस पर्व का विशेष महत्व माना गया है।
23 फरवरी, दिन रविवार, फाल्गुन अमावस्या: हर माह में अमावस्या तिथि पड़ती है। ऐसी मान्यता है कि फाल्गुन अमास्या पर देवताओं का निवास संगम तट पर होता है। अतः इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान करने का अत्याधिक महत्व माना गया है।
25 फरवरी, दिन मंगलवार, फुलैरा दूज: फाल्गुन महीने में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलैरा दूज मनाई जाती है।
27 फरवरी, दिन गुरुवार, विनायक चतुर्थी: अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन गणेश भगवान की पूजा की जाती है।
3 मार्च, दिन मंगलवार, होलाष्टक शुरू: इस दिन से होलिका दहन तक सभी मांगलिक कार्य बंद कर दिये जाते हैं।
06 मार्च, दिन शुक्रवार, अमालाकी एकादशी: आमलकी एकादशी को आमलक्य एकादशी भी कहा जाता है। आमलकी यानी आंवला। आंवला को शास्त्रों में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है।
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07 मार्च, दिन शनिवार, प्रदोष व्रत: प्रदोष व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है। इस दिन व्रत रखने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
09 मार्च, दिन सोमवार, फाल्गुन पूर्णिमा, होलिका दहन: इस बार रविवार यानि कि 9 फरवरी को माघ मास की पूर्णिमा है। इस दिन होलिका दहन भी किया जायेगा।
