ज्योतिष शास्त्र में जैसे किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में स्थित ग्रहों का विश्लेषण करके उसके भविष्य और जीवन के बारे में बताया जाता है। ऐसे ही सामुद्रिक शास्त्र में व्यक्ति के शरीर की बनावट और तिल के आधार पर फलादेश किया जाता है।
आपको बता दें कि तिल कहां और किस साइज का है। इस पर सब कुछ निर्भर करता है। क्योंकि स्थान के हिसाब से फलादेश भी बदल जाता है। यहां हम बताने जा रहे हैं गाल पर तिल होने का क्या मतलब होता है…
गाल के बीच में हो अगर तिल:
सामुद्रिक शास्त्र अनुसार जिन लोगों के गाल के बीचों बीच तिल होता है ऐसे लोग इमोशनल होते हैं। लेकिन ये किस्मत के धनी होते हैं। साथ ही ये पहली मुलाकात में सामने वाले को अपना दीवाना बना लेते हैं। इनका व्यक्तित्व भी प्रभावशाली होता है। वहीं ये जल्दी सामने वाले की बात का बुरा मान जाते हैं।
गाल के ऊपरी हिस्से पर हो अगर तिल:
जिन लोगों के गाल के ऊपरी हिस्से पर तिल होता है ऐसे लोग बहुत क्रिएटिव दिमाग के होते हैं। साथ ही ये लोग कला के जानकार और शौकीन होते हैं। साथ ही ये लोग स्पष्टवादी और दूरदर्शी भी होते हैं। ये दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार भी रहते हैं। ये किसी को मुसीबत में देख नहीं पाते हैं।
गाल के निचली ओर हो अगर तिल:
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन लोगों के गाल के निचली हिस्से पर होता है ऐसे लोग साहसी और निडर होते हैं। साथ ही ये लोग हर कार्य को समय निपटाना पसंद करते हैं। ये लोग अपने पार्टनर को भी खुश रखने की कोशिश करते हैं। साथ ही ये हर परिस्थिति में प्रसन्न रहना पसंद करते हैं। (यह भी पढ़ें)- Gemology: शनि, राहु और केतु तीनों ग्रहों के प्रकोप से बचा सकता है यह रत्न, जानिए धारण करने की सही विधि
गाल के दाहिनीं और बाएं ओर तिल:
जिन लोगों के दाहिनीं ओर तिल होता है ऐसे लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है।साथ ही ये लोग मजाकिया स्वभाव के होते हैं। ये लोग जिन महफिल में जाते हैं वहां रौनक कर देते हैं और लोग इनकी कंपनी को पसंद करते हैं। साथ ही ही इन लोगों के शौक- मौज भी महंगे होते हैं। ये खुलकर पैसे खर्च करने में विश्वास रखते हैं। (यह भी पढ़ें)- Chaitra Navratri 2022: 2 अप्रैल से शुरू हो रहीं हैं चैत्र नवरात्रि, अभी से शुरू कर दें ये तैयारियां, माता रानी की बरसेगी कृपा
