साल 2019 में माघ पूर्णिमा 19 फरवरी, मंगलवार को पड़ रही है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चंद्र देव के लिए व्रत रखने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन चंद्र देव की पूजा करने से चंद्र ग्रह के दोषों से मुक्ति मिलती है। माघ माह को पवित्र माह माना जाता है। कार्तिक माह की तरह ही इस माह की महत्ता है।
पुराणों के अनुसार माघ माह में नदी-स्नान के लिए तुलसी जड़ की मिट्टी और तुलसी के पत्ते का प्रयोग की मान्यता है। माना जाता है कि माघ की पूर्णिमा का उल्लेख सभी पौराणिक ग्रंथो में मिलता है। इस दिन दान करने से कई गुणा फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही इस पूर्णिमा को बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है। माघ पूर्णिमा के दिन व्रत किया जाता है और भगवान सत्यानारायण की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना और पढ़ना शुभ माना गया है।
मत्स्य पुराण के अनुसार माघ पूर्णिमा पर चंद्रदेव अमृत बरसाते हैं। इस तिथि पर स्नान और दान करने से सूर्य-चंद्रमा युक्त दोषों से निजात मिलता है। सफलता हेतु दूध में मिश्री मिलाकर सफेद शिवलिंग पर अभिषेक करें। भगवान नारायण की पूजा धूप, दीप, अगरबत्ती से पूजा की जाती है। भगवान विष्णु का प्रिय भोग चूरमा होता है, इस दिन विष्णु जी को भोग लगाया जाता है। इस दिन पूजा के बाद प्रसाद का वितरण किया जाता है। इस दिन लोग ब्रह्मणों को दान-दक्षिणा देते हैं। माना जाता है इस दिन जो व्रत करता है उसकी सभी मनोकामनाएं भगवान विष्णु पूरी करते हैं।


