Chanakya Niti in Hindi: विश्व भर में अपने ज्ञान के लिए प्रसिद्ध आचार्य चाणक्य को महान राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ का दर्जा दिया गया है। राजकाज के अलावा, आचार्य ने अपनी चाणक्य नीति पुस्तक में सफलता के सूत्रों के बारे में बताया है जिसके माध्यम से आप अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। इनके नीति ग्रंथ में सूत्रात्मक शैली में जीवन को सुखमय एवं सफल बनाने के लिए उपयोगी सुझाव दिये गये हैं। योग्य शिक्षक माने जाने वाले चाणक्य ने युवाओं से संबंधित कई बातों का जिक्र किया है जो उनको सफलता के मार्ग पर अग्रसर करेंगे। साथ ही जो लोग व्यापार के क्षेत्र में अपना भविष्य बना रहे हैं, उन्हें Successful Businessman बनने में मदद भी मिलेगी। आचार्य चाणक्य ने अपने श्लोक के माध्यम से बताया है कि-
को हि भार: समर्थनां किं दूरं व्यवसायिनाम्।
को विदेश: सविद्यानां क: पर: प्रियवादिनाम्।।
ये है इस श्लोक का अर्थ: इसका मतलब है कि जो लोग किसी कार्य को करने में सक्षम हैं उनके लिए कुछ भी हासिल करना असंभव नहीं होता है। व्यापारियों के लिए कोई भी लक्ष्य दूर नहीं है। वहीं, देश की सीमाएं विद्वानों को अपने भीतर जकड़ नहीं सकती हैं और मृदुभाषी लोगों को हर कोई अपना मानता है।
व्यापारियों के लिए क्या दी है सीख: चाणक्य ने इस श्लोक के जरिये बिजनेस करने वाले लोगों को सीख देने की कोशिश की है। उनके अनुसार अगर व्यापारी अपने काम में सफल होना चाहते हैं तो उनके लिए ये मायने नहीं रखना चाहिए कि वो किस जगह पर हैं। आचार्य ने कहा कि व्यापारी अपने दिमाग से काम करता है, ऐसे में कोई भी स्थान उसे प्रभावित नहीं कर सकता। इसके अलावा, वो ये भी कहते हैं कि व्यापारियों को जिस भी स्थान पर अधिक लाभ नजर आए उस स्थान पर जाने में हिचकिचाना नहीं चाहिए।
इन बातों का भी रखें ध्यान: इसके अलावा, चाणक्य नीति के अनुसार बिजनेस में ऐसे लोग ही सफल होते हैं जिन्हें इस बात की जानकारी होती है कि वर्तमान में क्या चल रहा है, समय कैसा है, सुख के दिन हैं या फिर दुख के और परिस्थिति अनुसार ही वे फैसला लेते हैं। जिन्हें इन चीजों का ज्ञान नहीं होता उन्हें सफलता के मार्ग में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
