Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य को कुशल अर्थशास्त्री माना जाता है। इन्होंने अपने नीति ग्रंथ में राजनीति से लेकर गृहस्थ एवं अर्थशास्त्र से जुड़ी कई बातों का भी जिक्र किया है। इनकी नीतियां काफी व्यवहारिक हैं जो जीवन जीने की कला सिखाती हैं। चाणक्य ने जीवन के हर एक पहलू से संबंधित कई तरह की बातें बताईं हैं जिनका पालन करके आप अपनी लाइफ को बेहतर बना सकते हैं। चाणक्य नीति वर्तमान समय में भी जीवन के सही मायने, दुनियादारी और रिश्तों को परखने की सीख देती हैं। उन्होंने एक श्लोक के माध्यम से बताया है कि कोई भी व्यक्ति अगर इस तरह की गलतियां करता है तो इसका असर उनकी जिंदगी पर भी पड़ सकता है-
धर्म धनं च धान्यं च गुरोर्वचनमौषधम्।
सुगृहीतं च कत्र्तव्यमन्यथा तु न जीवति।।
धर्म कार्यों में भूल: आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर किसी व्यक्ति से धर्म से जुड़े कार्यों में कोई गलती हो जाती है तो उसे उस कार्य का फल नहीं मिलता है। इस कारण लोगों को कई बार बड़ी हानि भी झेलनी पड़ सकती है। यही नहीं कई बार इस कारण लोगों को समाज के कई तबकों का गुस्सा भी झेलना पड़ सकता है और गंभीर मामलों में ये स्थिति घातक भी सिद्ध हो सकती है।
दवा लेने में कोताही: चाणक्य कहते हैं कि किसी भी बीमारी से बचने हेतु ली जाने वाली दवाइयों के इस्तेमाल में अगर भूल हो जाए तो ये प्राण घातक भी साबित हो सकती है। चाणक्य के अनुसार लोगों को किसी भी बीमारी से जुड़ी दवाई के इस्तेमाल से पहले उससे जुडडी हर जानकारी से अवगत होना जरूरी है।
धन के इस्तेमाल में लापरवाही: चाणक्य के मुताबिक अगर धन को सही तरह से इस्तेमाल न किया जाए तो इंसान बर्बाद होने की कगार पर भी पहुंच सकता है। ऐसे में हर इंसान को पैसों को सोच-समझकर खर्च करना चाहिए। साथ ही लोगों को पता होना चाहिए कि वो अपनी कमाई को कहां और किस उद्देश्य से खर्च कर रहे हैं।
गुरु के आदेश की अवमानना: चाणक्य की मानें तो शिक्षक और गुरु की बातों को नहीं मानने से भी लोगों को कष्ट भोगना पड़ता है। उनकी अवमानना करने वाले लोगों को जिंदगी में सुख की अनुभूति नहीं होती। इसके अलावा, अन्न का अत्यधिक उपयोग भी दरिद्रता का कारण बनती है।
