Chanakya niti: आचार्य चाणक्य को कौन नहीं जानता। उनके द्वारा लिखा गया चाणक्य नीति ग्रंथ लोगों के बीच काफी मशहूर है। माना जाता है कि जो व्यक्ति चाणक्य नीति पुस्तक में लिखी गई बातों को पढ़कर उसे अपने जीवन में अमल कर लेता है, तो उसके जीवन की सभी समस्याओं का अंत हो सकता है। आज भी बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ, दार्शनिक और विद्वान इनकी नीतियों को याद रखते हैं क्योंकि इनका नीति ज्ञान व्यवहारिकता पर आधारित है और जीवन के हर मोड़ पर उपयोगी है। चाणक्य ने वैसे तो व्यवहारिक जीवन से जुड़ी कई बातें बताई हैं लेकिन यहां आप जानेंगे उनकी 8 ऐसी नीतियों के बारे में जो हमें हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए।
– सुनने से धर्म का ज्ञान होता हैं, द्वेष दूर होता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है। इस तरह माया की आसक्ति भी दूर हो जाती है।
– शेर से सीखें कि आप जो भी करना चाहते हो जिंदादिली और जबरदस्त प्रयास से करें।
– धनवान व्यक्ति के कई मित्र होते है। उसके कई सम्बन्धी भी होते हैं। धनवान को ही आदमी कहा जाता है और पैसे वालों को ही पंडित कह कर नवाजा जाता है।
– एक बेकार राज्य का राजा होने से यह बेहतर है कि व्यक्ति किसी राज्य का राजा ना हो। एक पापी का मित्र होने से बेहतर है की बिना मित्र का हो। एक मुर्ख का गुरु होने से बेहतर है कि बिना शिष्य वाला हो। एक बुरी पत्नी होने से बेहतर है कि बिना पत्नी वाला हो।
– एक लालची आदमी को वस्तु भेंट कर संतुष्ट करें। एक कठोर आदमी को हाथ जोड़कर संतुष्ट करें। एक मूर्ख को सम्मान देकर संतुष्ट करें। एक विद्वान आदमी को सच बोलकर संतुष्ट करें।
– इन्द्रियों को बगुले की तरह वश में करें, यानी अपने लक्ष्य को जगह, समय और योग्यता का पूरा ध्यान रखते हुए पूर्ण करें।
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– मुर्गे से हे चार बाते सीख सकते हैं पहली- सही समय पर उठें। दूसरी- नीडर बने तीसरी- संपत्ति का रिश्तेदारों से उचित बटवारा करें और चौथी बात अपने कष्ट से अपना रोजगार प्राप्त करें।
– गधे से ये तीन बाते सीख सकते हैं पहली- अपना बोझा ढोना ना छोड़ें। दूसरी- सर्दी गर्मी की चिंता ना करें और तीसरी सदा संतुष्ट रहें।

