Chaitra Purnima 2020: चैत्र पूर्णिमा इस साल 08 अप्रैल को है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इसलिए इस पूर्णिमा का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। इस दिन भगवान सत्यनारायण के साथ हनुमान जी की भी पूजा होती है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपने पूरे आकार में दिखाई देता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान पुण्य के कार्य किये जाते हैं। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते घर से बाहर निकलना संभव नहीं है तो ऐसे में पूर्णिमा व्रत की पूजा घर पर ही करनी होगी।

चैत्र पूर्णिमा का महत्व: इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने से सभी जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को जल देने से कुंडली में इसकी स्थिति मजबूत होती है। इस दिन दान करने का भी विशेष महत्व माना गया है। कहा जाता है कि पूर्णिमा के दिन गरीब व्यक्ति या ब्राह्मण को दान देने से उस दान का कई गुना फल प्राप्त होता है।

चैत्र पूर्णिमा व्रत के लाभ:

1. इस दिन भगवान सत्य नारायण और हनुमान जी की पूजा होती है। जिस कारण दोनों का आशीर्वाद भक्तों को प्राप्त होता है। माना जाता है कि जो लोग इस दिन सत्यनारायण की कथा सुनते हैं और पूर्णिमा का उपवास करते हैं उनके घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।

2. इस दिन रात्रि के समय चंद्रमा की पूजा करने से कुंडली में चंद्र दोष दूर हो जाता है।

3. उत्तर भारत में इस दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस दिन हनुमनजी की विधिवत पूजा करने से मनुष्य के सारे संकट मिट जाते हैं।

4. माना जाता है कि चैत्र पूर्णिमा पर नदी, तीर्थ, सरोवर और पवित्र जलकुंड में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन दान, जप, हवन और व्रत रखना भी विशेष फलदायी माना गया है।

5. कहते हैं कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में महाराज रचाया था। अत: इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में सुख और शांति की स्थापना होती है।