Chaitra Navratri 2020 Dates, नवरात्रि कब से हैं: चैत्र नवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा की अराधना की जाती है। लोग मां को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं। शारदीय नवरात्रि के बाद ये साल की दूसरी बड़ी नवरात्रि हैं। कई बार दो तिथि के एक ही दिन पड़ जाने के कारण नवरात्रि के दिनों की संख्या 8 रह जाती है। जिसे तिथि का क्षय होना कहा जाता है। लेकिन नवरात्रि पूरे नौ दिन तक पड़नी अच्छी मानी गई है। इस बार की नवरात्रि में तिथि का कोई क्षय नहीं है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से हिंदुओं का नया साल (Hindu New Year 2020) भी शुरू हो जाता है।

चैत्र नवरात्रि से क्यों शुरू होता है हिंदुओं का नया साल? पौराणिक मान्यताओं अनुसार सृष्टि के आरंभ का समय चैत्र नवरात्र का पहला दिन माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन देवी ने ब्रह्माजी को सृष्टि की रचना करने का कार्यभार सौंपा था। इसी दिन से कालगणना शरू हुई थी। देवी भागवत पुराण के अनुसार इसी दिन देवी मां ने सभी देवी देवताओं के कार्यों का बंटवारा किया था। इसलिए चैत्र नवरात्र हिंदू नव वर्ष का आरंभ माना जाता है। देवी पुराण के अनुसार सृष्टि के आरंभ से पूर्व अंधकार का साम्रज्य था। तब आदि शक्ति जगदंबा देवी अपने कूष्मांडा अवतार में भिन्न वनस्पतियों और दूसरी वस्तुओं को संरक्षित करते हुए सूर्यमंडल के मध्य में व्याप्त थीं। जगत निर्माण के समय माता ने ही ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव की रचना की थी। इसके बाद सत, रज और तम नामक गुणों से तीन देवियां लक्ष्मी,सरस्वती और काली माता की उत्पत्ति हुईं।

आदिशक्ति की कृपा से ही ब्रह्मा जी ने इस संसार की रचना की थी। मां ने ही भगवान विष्णु को पालनहार और शिवजी को संहारकर्ता बनाया और सृष्टि के निर्माण का कार्य संपूर्ण हुआ। इसलिए सृष्टि के आरंभ की तिथि से नौ दिनों तक मां अम्बे के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दिन से ही पंचांग की गणना भी की जाती है। मर्यादा पुरषोत्तम श्रीराम का जन्म भी चैत्र नवरात्र में ही हुआ माना जाता है।

साल में आती हैं 4 नवरात्रि: साल भर में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीनों में कुल मिलाकर चार बार नवरात्र आते हैं लेकिन चैत्र और आश्विन माह के नवरात्र काफी लोकप्रिय हैं। बसंत ऋतु में होने के कारण चैत्र नवरात्र को वासंती नवरात्र तो शरद ऋतु में आने वाले आश्विन मास के नवरात्र को शारदीय नवरात्र कहा गया है। नवरात्र के नौ दिनों में मां के अलग-अलग रुपों की पूजा की जाती है। मां के नौ रूप हैं- मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाती है। इसके बाद लगातार नौ दिनों तक या फिर लोग श्रद्धानुसार शुरू और आखिरी के नवरात्रि का व्रत रखते हैं। आषाढ़ और माघ मास में गुप्त नवरात्र रखे जाते हैं। तंत्र साधना करने वालों के लिये गुप्त नवरात्र बहुत ज्यादा मायने रखते हैं।