आमतौर पर घर या मंदिर में आरती के वक्त कपूर का इस्तेमाल किया जाता है। इसका प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक कपूर के प्रयोग से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। जिससे घर में सुख-शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहता है। आम जीवन में कई बार ऐसा होता है कि किसी अच्छे कम के लिए किया गया प्रयास भी निष्फल हो जाता है। ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो ऐसी परिस्थिति का सामना करते हैं।
वास्तु शास्त्र इसे घर की नकारात्मक ऊर्जा का दोष मानता है। इन वास्तु दोष से निपटने और घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने लिए कपूर जलाया जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि कपूर का प्रयोग किस प्रकार करना चाहिए? यदि नहीं तो आगे इसे जानते हैं।
वास्तु के अनुसार घर से नकारात्मक शक्ति को दूर करने के लिए सुबह और शाम दोनों समय कपूर जलाना चाहिए। साथ ही सूर्यास्त के बाद अपने घर के हर कमरे में लाइट जलाएं। इसके अलावा शाम के समय किसी छोटे से चांदी की कटोरी में एक लौंग और कुछ कपूर लेकर इसे जलाएं। कहते हैं कि ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा तो खत्म होती है।
वहीं यदि घर में लोग बीमारी से परेशान हैं तो ऐसे में कपूर के तेल की कुछ बूंदों को पानी में मिलकर स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से घर की बीमारियां जल्द ही दूर हो जाती हैं। साथ ही साथ घर की अन्य नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए शाम के समय घर में कपूर को घी में मिलाकर उसे अपने पूरे घर में जलाएं। ऐसा करने से घर की सभी नकारात्मक ऊर्जा शीघ्र ही नष्ट हो जाती है। वास्तु के अनुसार जिस घर में शाम के समय कपूर जलाया जाता है वहां के सभी वास्तु दोष दूर हो जाते हैं।
