Vaishakh Purnima, Buddha Jayanti, Super Flower Moon 2020: वैशाख मास की पूर्णिमा 07 मई को मनाई जायेगी इसे बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के नाम से भी जानते हैं। क्योंकि माना जाता है कि इसी दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। पूर्णिमा के दिन चांद अपने पूर्ण आकार में दिखाई देता है। लेकिन इस बार पूर्णिमा पर चांद का आकार अधिक बड़ा और चमकीला दिखाई देगा। क्योंकि 07 मई को साल का आखिरी सुपरमून दिखाई देने वाला है। जानिए 07 मई को क्या क्या है खास…
वैशाख पूर्णिमा: वैशाखी पूर्णिमा को अत्यंत ही पवित्र और फलदायी माना जाता है। इस दिन नदी स्नान करने का विशेष महत्व होता है। पितर तर्पण संबंधी कार्य करने के लिए भी ये दिन शुभ माना गया है। अगर इस दिन तीर्थ स्थल पर जाकर स्नान कर पाना संभव नहीं है तब आप घर पर ही नहाने के स्नान में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
बुद्ध जयंती: वैशाख पूर्णिमा का दिन जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी खास होता है। क्योंकि इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। अपने प्रवचनों के माध्यम से उन्होंने जीवन जीने के मायने बताए। भगवान बुद्ध ने ही बौद्ध धर्म की स्थापना की थी। उनकी दी हुई शिक्षाएं आज भी लोगों के जीवन का मूल मंत्र है। गौतम बुद्ध का जीवन हर किसी के लिए प्रेरणादायी है। 35 वर्ष की आयु में ही उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। संसार का मोह त्याग कर तपस्वी बन गए थे और परम ज्ञान की खोज में चले गए थे।
वैशाख पूर्णिमा के दिन सुपरमून: इसे सुपर फ्लावर मून भी कहा जाता है। इस दिन साल का आखिरी सुपरमून दिखाई देगा। इस दिन चांद और पृथ्वी के बीच की दूरी 3,61,184 किमी की ही रह जायेगी। इस दिन चांद पृथ्वी के बेहद करीब होता है। जिस कारण वह ज्यादा चमकीला और ज्यादा बड़ा दिखाई देता है। 7 मई के बाद आप सुपर पिंक मून को 27 अप्रैल 2021 में देख पायेंगे। नासा के अनुसार, सुपर फ्लावर मून भारतीय समयानुसार गुरुवार 7 मई की शाम 4.15 बजे अपने पूर्ण प्रभाव में दिखाई देगा।
