Neelam Gemstone Benefits: वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को आयु, दुख, रोग, पीड़ा, विज्ञान, तकनीकी, लोहा, खनिज तेल, कर्मचारी, सेवक, जेल आदि का कारक माना जाता है। साथ ही शनि देव का कुंभ और मकर राशि पर आधिपत्य है। वहीं अगर हम रत्न की बात करें तो शनि देव का संबंध नीलम रत्न से माना जाता है। मान्यता है जो भी व्यक्ति नीलम धारण करता है उस पर शनि देव की विशेष कृपा रहती है। साथ ही ऐसा व्यक्ति भाग्य से ज्यादा कर्म पर विश्वास रखता है। वहीं नीलम पहनने से मान- सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। वहीं व्यक्ति सरकार से सम्मान पाता है। व्यक्ति को जीवन में धन की कमी नहीं रहती है। आइए जानते हैं नीलम किन राशि वालों को धाऱण करना चाहिए और इसके लाभ…
नीलम पहनना इन राशियों को लाभप्रद
शनि देव का कुंभ और मकर राशि के स्वामी होते हैं। इसलिए इन राशियों के लोग नीलम पहन सकते हैं। वहीं वृष, मिथुन, कन्या, तुला राशि के लोग भी नीलम को पहन सकते हैं। वहीं शनि कुंडली में कमजोर स्थित हैं तो भी नीलम धारण किया जा सकता हैं। साथ ही अगर शनि देव शुभ (उच्च) के कुंडली में स्थित हैं, तो भी नीलम पहना जा सकता है। साथ ही अगर व्यक्ति पर शनि की महादशा चल रही हो तो भी कुंडली दिखाकर नीलम पहन सकते हैं। साथ ही नीलम के साथ माणिक्य और मोती धारण नहीं करें, अन्यथा नुकसान हो सकता है।
नीलम धारण करने के लाभ
नीलम धारण करने से से जन्मकुंडली में शनि की स्थिति मजबूत होती है। कुंडली में शनि मजबूत होने से व्यक्ति को करियर और कारोबार में ऊंचा मुकाम हासिल होता है। साथ ही जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलती है। वहीं नीलम पहनने से मानसिक शांति मिलती है, तनाव, चिंता और अवसाद कम होता है। यह विद्यार्थियों की एकाग्रता और स्मरण शक्ति को बढ़ाता है।
इस विधि से करें नीलम धारण
नीलम रत्न को शनि की होरा या शनिवार के पहन सकते हैं। वहीं अगर हम धातु की बात करें तो नीलम को पंचधातु में पहनना शुभ होता है। वहीं नीलम को मध्यमा ऊंगली में धारण करना शुभ होता है। वहीं नीलम रत्न को धारण करने से पहले उसे गंगाजल औऱ कच्चे दूध से शुद्ध करके धारण करना चाहिए। ऐसा करने से नीलम का पूरा फल प्राप्त होता है।
