Baglamukhi Jayanti 2019: वैशाख शुक्ल अष्टमी बगलामुखी जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी दिन देवी बगलामुखी प्रकट हुई थी। इसलिए इस दिन मां बगलामुखी की विधिवत आराधना की जाती है। बता दें कि साल 2019 में बगलामुखी जयंती 12 मई, रविवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा-उपासना की जाती है। इसलिए इस दिन साधक को माता बगलामुखी के निमित्त पूजा-अर्चना और व्रत करना चाहिए।
दरअसल तंत्र शास्त्र के अनुसार देवी बगलामुखी दस महाविद्या में आठवीं हैं। इसमें पूरे ब्रह्माण्ड की शक्ति का समावेश है। साथ ही शत्रुनाश, वाक-सिद्धि, वाद-विवाद में विजय के लिए इनकी उपासना की जाती है। कहा जाता है कि इनकी उपासना से शत्रुओं का नाश होता है और व्यक्ति जीवन में हर प्रकार की बाधा पर विजय हासिल करता है। आगे जानते हैं मां बगलामुखी की पूजा विधि और पूजन का शुभ मुहूर्त।
पूजा-विधि
- भक्त सबसे पहले सुबह पवित्र स्नान करते हैं और फिर पीले रंग के कपड़े पहनते हैं।
- बगलामुखी जयंती के दिन बगलामुखी माता की पूजा करने के लिए, भक्त वेदी पर मूर्ति रखते हैं।
- फिर, वे अनुष्ठानों के साथ शुरुआत करने के लिए अगरबत्तियां और एक दीए जलाते हैं।
- भक्त फूल, नारियल और माला के साथ देवता को तैयार किया हुआ पवित्र भोजन (प्रसाद) अर्पित करते हैं ।
- देवी बगलामुखी की आरती की जाती है और देवता को जगाने के लिए पवित्र मंत्रों का जाप किया जाता है।
- आमंत्रितों और परिवार के सदस्यों के बीच प्रसाद वितरित किया जाता है।
- भक्तगण देवता का दिव्य आशीर्वाद लेने के लिए बगलामुखी जयंती के दिन दान और पुण्य के कई कार्य करते हैं।
