Attukal Pongala News And Images: अट्टुकल पोंगल केरल में महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। इस पर्व को मनाने के लिए महिलाएं केरल के अट्टुकल भवानी मंदिर में एक साथ आती हैं। इसमें महिलाएं मीठे पायसम (खीर) बनाती हैं। जिसमें चावल, गुड़, नारियल से बना हुआ हलवा या खीर बनाकर अट्टुकल भवानी को समर्पित किया जाता है। अट्टुकल पोंगल महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक खास उत्सव है। जिसे दस दिनों तक मनाया जाता है। इस उत्सव की शुरुआत मलयालम महीना मकरम-कुंभम के भरानी दिन होती है। यह पर्व इस बार 09 मार्च, सोमवार को मनाया जाएगा।

कैसे मनाया जाता है अट्टुकल पोंगल? अट्टुकल पोंगल पर्व देवी के एक गीत से शुरू होता है। इस पर्व का नौवां दिन सबसे खास होता है। इस दिन काफी संख्या में महिलाएं अट्टुकल भवानी मंदिर में पोंगल नाम का प्रसाद बनाती हैं। इसे बनाने के लिए मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल किया जाता है। पोंगल बनाने के लिए सामग्री के रूप में गुड, नारियल और केले का उपयोग किया जाता है। गुड, नारियल और केले को एक निश्चित मात्रा में मिलाकर और उबालकर तैयार किया जाता है।

मान्यता है कि यह पकवान अट्टुकल भवानी को बहुत अधिक पसंद है। अट्टुकल देवी मंदिर में सुबह से ही धार्मिक कार्यों का सिलसिला शुरू हो जाता है। दोपहर के वक्त प्रसाद तैयार किया जाता है। इस दौरान मंदिर में पुरुषों का प्रवेश निषेध रहता है। पूजा के वक्त मंदिर का पुजारी हाथों में तलवार लेकर मंदिर परिसर में घूमता है। साथ ही भक्तों पर पवित्र जल और फूल फेंककर आशीर्वाद देते हैं।

अट्टुकल पोंगल पर्व अट्टुकल देवी को समर्पित है। अट्टुकल देवी को ‘कन्नाकी’ का अवतार माना गया है। साल 2009 में सबसे बड़े धार्मिक आयोजन के तौर इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में शामिल किया गया था। जिसमें 25 लाख महिलाओं ने हिस्सा लिया था।

अट्टुकल पोंगल मुहूर्त (Attukal Pongala Time 2020):

अट्टुकल पोंगल सोमवार, मार्च 9, 2020 को
पूरम् नक्षत्रम् प्रारम्भ – मार्च 09, 2020 को 04:10 ए एम बजे
पूरम् नक्षत्रम् समाप्त – मार्च 10, 2020 को 01:09 ए एम बजे