ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में ग्रहों की दशा से व्यक्ति के जीवन के हर हिस्से पर असर पड़ता है। ग्रहों की दशा के आधार पर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, धन और मन को जाना जा सकता है। इसके साथ ही ग्रहों से व्यक्ति के रिश्तों की स्थिति को भी समझा जा सकता है। यानी कि रिश्ता विशेष के खराब होने से यह पता लगाया जा सकता है कि कुंडली के किस ग्रह की दशा खराब या अच्छी है। इसका मतलब यह भी है कि रिश्तों को मजबूत रखकर कुंडली में ग्रहों की दशा ठीक रखी जा सकती है।
पिता और ग्रह: ज्योतिष में पिता का संबंध सूर्य से बताया गया है। पिता का सम्मान नहीं करने पर कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो जाती है। इससे आपको अपयश और हृदय संबंधी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
माता और ग्रह: ज्योतिष शास्त्र में माता का संबंध चंद्रमा से है। जो लोग अपनी माता के साथ दुर्व्यवहार करते हैं उनकी कुंडली में चंद्रमा की दशा खराब हो जाती है। इससे व्यक्ति की आयु घट जाती है और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
भाई-बहन और ग्रह: भाई-बहन के रिश्ते का संबंध मंगल ग्रह से है। ऐसा ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है। भाई-बहन का रिश्ता बिगड़ने से मंगल कमजोर हो जाता है। इस स्थिति में धनहानि और दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
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नाना-नानी और ग्रह: ननिहाल के रिश्तों का संबंध बुध ग्रह से माना गया है। कहते हैं कि जो लोग ननिहाल के रिश्तों का आदर नहीं करते उनका बुध कमजोर हो जाता है। ऐसे में कर्ज, खराब वाणी और आर्थिक दिक्कतों की स्थितियां बन जाती हैं।
दादा-दादी और ग्रह: ज्योतिष के अनुसार दादा-दादी का संबंध बृहस्पति ग्रह से है। माना जाता है कि दादा-दादी का सम्मान नहीं करने पर बृहस्पति खराब हो जाता है। इससे पेट संबंधी परेशानियों, कर्ज और अज्ञानता का सामना करना पड़ता है।
