Ashadha Month Calander 2019 Vrat And Festivals: हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास का महीना पुण्यफल प्राप्ति के लिए बेहद खास है। इस महीने में कई ऐसे व्रत और त्योहार पड़ते हैं जिसे पुण्य की प्राप्ति के लिए शुभ माना गया है। पंचांग के अनुसार इस महीने की योगिनी एकादशी अत्यंत पुण्य फलदायी मानी गई है। साथ ही आषाढ़ मास की अमावस्या को पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए खास माना जाता है। इस दिन स्नान, दान, और पितृ देव के निमित्त तर्पण करने से पुण्य प्राप्त होता है। इसके अलावा आषाढ़ मास में पड़ने वाले ऐसे कई व्रत और त्योहार हैं जो पुण्य प्राप्ति के लिए बहुत अधिक शुभ माने गए हैं। आगे जानते हैं आषाढ़ मास में पड़ने वाले प्रमुख व्रत और त्योहार।

29 जून 2019 (आषाढ़ कृष्ण एकादशी)- योगनी एकादशी: योगिनी एकादशी व्रत को पुण्य प्राप्ति के लिए बेहद खास मान जाता है। यह व्रत एकादशी तिथि से पहले सूर्योदय से लेकर अगले सूर्योदय तक रखा जाता है।

30 जून 2019 (आषाढ़ कृष्ण द्वादशी और त्रयोदशी)- गणेश चतुर्थी: हिन्दू कलेंडर के मुताबिक गणेश चतुर्थी का व्रत त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। इसमें भगवान शिव और पार्वती की पूजा की जाती है।

02 जुलाई 2019 (आषाढ़ अमावस्या) यह आषाढ़ मास की अमावस्या को पड़ता है। इसे पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए बेहद खास मान गया है। इस दिन स्नान, दान और पितृ तर्पण का खास महत्व है।

03 जुलाई 2019 (आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा)- गुप्त नवरात्रि प्रारंभ: साल में कुल चार नवरात्रि पड़ती है। जिसमें से दो गुप्त नवरात्रि का खास महत्व है। गुप्त नवरात्रि तांत्रिक कार्यों के लिए अत्यंत खास मानी जाती है। इस दौरान तांत्रिक सिद्धियां पाने के लिए साधक अनुष्ठान करते हैं।

04 जुलाई 2019 (आषाढ़ शुक्ल द्वितीया) जगन्नाथ रथ यात्रा आरंभ: जगन्नाथ रथ यात्रा भारत के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर से निकाली जाती है। इस रथ यात्रा में देश-विदेश से श्रद्धालु भाग लेते हैं। दो दिनों तक चलने वाला यह रथ यात्रा दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

09 जुलाई 2019 (आषाढ़ शुक्ल अष्टमी)- संधि पूजा: पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार जब देवी दुर्गा दानव महिषासुर के साथ लड़ रही थी। उसी दौरान चंड और मुंड ने देवी दुर्गा पर पीछे से प्रहार किया। जिससे देवी क्रोधित हो गई और उनका चेहरा गुस्से में नीले रंग में बदल गया। तब देवी ने अपना तीसरा का आंख खोला और फिर चामुंडा का अवतार लेकर चंड और मुंड का विनाश किया। कहते हैं कि देवी चामुंडा के सम्मान में संधि पूजा की जाती है।

12 जुलाई 2019 (आषाढ़ शुक्ल एकादशी)- देवशयनी एकादशी: धर्म ग्रन्थों के अनुसार देवशयनी एकादशी को बेहद खास माना गया है। मान्यता है कि इस दिन से भगवान श्रीहरि चार महीने के लिए शयन के लिए चले जाते हैं। इस दौरान किसी भी प्रकार का नया शुभ कार्य करना निषेध माना गया है।

14 जुलाई 2019 (आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी) प्रदोष व्रत/ जया एकादशी व्रत: प्रदोष व्रत को भगवान शिव और पार्वती जी को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास माना गया है। इस दिन शिव और पार्वती की पूजा की जाती है। वहीं आषाढ़ मास की जया एकादशी व्रत भगवान विष्णु और लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य प्रेत योनि से मुक्त हो जाता है।

15 जुलाई 2019: (आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी) कोकिला व्रत: शिव पुराण के अनुसार इस व्रत को माता पार्वती ने पति के रूप में शिव को पाने के लिए किया था। कहते हैं कि इस व्रत को करने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है।

16 जुलाई 2019: (आषाढ़ पूर्णिमा) गुरु पूर्णिमा/व्यास पूर्णिमा: गुरु पूर्णमा के दिन गुरु की पूजा का विधान है। इस दिन गुरु की पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है। इस दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती भी मनाई जाती है।

20 जुलाई 2019: (आषाढ़ कृष्ण तृतीया) जया पार्वती व्रत: यह व्रत भगवान शिव और पार्वती को प्रसन्न कर मनचाहा वरदान प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

21 जुलाई 2019: (आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी) संकष्टी चतुर्थी व्रत: यह व्रत आषाढ़ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन रखा जाता है। संकटों से छुटकारा पाने के लिए यह व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से जीवन के सारे संकट खत्म हो जाते हैं।

28 जुलाई 2019: (आषाढ़ कृष्ण एकादशी) वैष्णव कामिका एकादशी/ गौना कामिका एकादशी/ कामिका एकादशी: आषाढ़ मास की कमिका एकादशी व्रत कामनाओं की पूर्ति के लिए बेहद खास माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य के कामनाओं की पूर्ति होती है।

30 जुलाई 2019: (आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी) प्रदोष व्रत: आमतौर पर प्रदोष व्रत में भगवान शिव और पार्वती की पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत के प्रभाव से जीवन में आ रही बाधा दूर होती है।