हिंदू धर्म के कई ग्रंथों और पुराणों में आज के जीवन का सार छिपा हुआ है। आपको बता दें कि अगर इन ग्रंथों में लिखी गई बातों को व्यक्ति अपने आज के जीवन में अपना ले तो उसे कभी निराशा हाथ नहीं लगेगी। ऐसे ही गरुड़ पुराण में व्यक्ति के जीवन से जुड़ी काफी जानकारी देखने को मिलती है। जिसमें पाप, पुण्य, कर्म, स्वर्ग, नरक, ज्ञान-विज्ञान, नीति नियम और धर्म की बातें कही गई हैं।

इस पुराण में मरने के बाद की भी जिंदगी के बारे में बताया गया है। जिसमें बताया गया है कि मनुष्य पृथ्वी जैसे भी कर्म करता है, उसे परलोक में वैसा ही फल मिलता है। गरुड़ पुराण का वाचन किसी व्यक्ति के मरने के बाद उसके घर पर वेद-पाठी ब्राह्मण के द्वारा किया जाता है। यहां हम गरुण पुराण के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें हमें नहीं करना चाहिए और इनको करने से हमारी आयु कम होती है। आइए जानते हैं इन बातों के बारे में…

देर से उठना है नुकसानदायक:

गरुड़ पुराण के अनुसार देर से उठना नुकसानदायक साबित हो सकता है। आज कल की भौतिकवादी दुनिया में इंसान की दिनचर्या बहुत ही अस्त- व्यस्त हो गई है। जिससे वह रात में लेट सोता है और दिन में देर से उठता है। दरअसल देर से उठने से हमें सुबह की ताजा हवा नहीं मिल पाती। जिससे हमारी प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है और हमें कई बीमारियां घेर लेती है।

रात में दही का सेवन है खतरनाक: 

रात में दही का सेवन करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। गरुड़ पुराण में बताया गया है। जो लोग रात में दही का सेवन करते हैं उन्हें सांस और शीत प्रकृति के रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही कुछ लोग रात में दूध का भी सेवन नियमित करते हैं और दही खाने के बाद दूध पीना आयुर्वेद के अनुसार भी सही नहीं माना गया है। इसलिए दही का प्रयोग रात में नहीं करना चाहिए।

श्मशान के धुंए से रहें दूर:

गरुड़ पुराण के अनुसार श्मशान के धुंए से दूर रहना चाहिए। क्योकि मृत्यु के बाद मनुष्य के शरीर को जलाया जाता है, तो उसमें कई प्रकार के विषैले तत्‍व धुंए के साथ वायुमंडल में आकर घुल जाते हैं। इन विषैले तत्‍वों में कई प्रकार के वायरस और बैक्‍टीरिया मौजूद होते हैं। जो पास में खड़े व्यक्ति के सांस लेने पर शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं। जो कई रोगों को जन्म दे सकते हैं। इसलिए व्यक्ति की उम्र घट सकती है।

सुबह के वक्त रोमांस से रहें दूर:

गरुड़ पुराण में बताया गया है। सुबह के समय पति- पत्नी को रोमांस से बचना चाहिए। दरअसल ब्रह्म मुहूर्त भगवान के भजन का होता है और इस वक्त मनुष्य के मन में कामवासना आने से व्यक्ति रोगी हो सकता है। इसलिए उसकी उम्र घट सकती है।

बासी मांस खाना होता है नुकसानदायक:

वैसे तो मांस खाना शास्त्रों में वर्जित बताया गया है। क्योकि मांस तामसिक भोजन में आता है। जिससे मनुष्य को क्रोध जल्दी आता है और वह दयालु प्रवृत्ति का नहीं रहता है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि सूखा और बासी मांस खाने से कैंसर रोग हो सकता है। पुराने मांस पर कई प्रकार के परजीवी और बैक्‍टीरिया जन्‍म ले लेते हैं, जिससे मनुष्य को कई प्रकार के रोग हो सकते हैं.