Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य को महान राजनीतिज्ञ व कूटनीतिज्ञ का दर्जा प्राप्त है। अर्थशास्त्री चाणक्य ने अपने जीवन अनुभवों को संग्रहित करते हुए चाणक्य नीति किताब लिखी है। इस नीति पुस्तक में लिखे उनके श्लोक मनुष्य के जीवन को सफल बनाने में मदद करते हैं। कौटिल्य ने अपनी ग्रंथ में इस बात का जिक्र भी किया है कि किन परिस्थितियों में मनुष्य को किस तरह का आचरण रखना चाहिए। चाणक्य नीति का अनुसरण कर लोग अपनी जिंदगी की कई परेशानियों को दूर कर सकते हैं।
कई बार मनुष्य को किसी दूसरे व्यक्ति की बात नापसंद हो सकती है या फिर उनके किसी बात पर क्रोध आ सकता है। ऐसे में उससे जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले आचार्य चाणक्य की इस बात को गांठ बांध लेना उचित होगा। वो कहते हैं कि –
“किसी भी व्यक्ति की कोई बात बुरी लगने पर 2 बातों को सोचना आवश्यक है। अगर व्यक्ति महत्वपूर्ण है तो बात भूल जाओ और बात की अहमियत ज्यादा है तो व्यक्ति को भूल जाओ।” – आचार्य चाणक्य
आचार्य चाणक्य ने इस कथन के जरिये कहना चाहा है कि किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले लोगों को 2 बातों को हमेशा संज्ञान में लेना चाहिए। चाहे कितनी भी बड़ी बात क्यों न हो, पहले इस बात की जड़ तक पहुंच जाएं कि कुछ भी ऐसा होने की नौबत क्यों आई होगी। हर तरह की बात सोचने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचे।
आमतौर पर माता-पिता, भाई-बहन की बातों का लोग बुरा नहीं मानते हैं, ऐसा इसलिए भी क्योंकि खून के रिश्ते मजबूत होते हैं। अपनों की कही हुई बातों को लोग दिल से नहीं लगाते हैं। वहीं, किसी रिश्तेदार या दोस्त की बातें तुरंत दिल को ठेस पहुंचाती हैं। ऐसे में इस बात का ख्याल रखें जो उन्होंने कहा है उसमें कितनी सच्चाई और गहराई है।
वहीं, कुछ लोग जानकर भी टोकते हैं ताकि व्यक्ति का आत्मविश्वास डगमगा जाए। ऐसे में लगातार अगर कोई आपको भला-बुरा कह रहा हो या टोकता है तो अपने मन में टटोलें कि बात ज्यादा अहमियत रखती है या फिर वो व्यक्ति महत्वपूर्ण है। अगर कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति आपसे कुछ कहता है तो एकाध बार उसे भूलने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन अगर कही गई बात आपके दिल को ठेस पहुंचाती है या फिर आत्मविश्वास को हिलाती है, तो उस इंसान से दूरी बनाना ही बेहतर है।

