साल 2022 शनि भक्तों के लिए स्पेशल होने जा रहा है क्योंकि साल की शुरुआत शनिवार से होने जा रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना गया है। वैदिक ज्योतिष में शनि को न्याय का देवता कहा गया है। मान्यता है जिन लोगों के कर्म अच्छे होते हैं। उन पर शनि देव की कृपा बनी रहती है।
पड़ रही है मास की शिवरात्रि</strong>
पंचांग के अनुसार 1 जनवरी 2022 को शनिवार का दिन पड़ रहा है। साथ ही इस दिन पौष मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि है। इस दिन त्रयोदशी की तिथि का समापन प्रात: 7 बजकर 19 मिनट पर हो जाएगा। साथ ही इसके बाद चतुर्दशी की तिथि आरम्भ होगी। इस दिन अमृत और सिद्ध योग भी है। वहीं 1 जनवरी 2022 को मास की शिवरात्रि भी पड़ रही है। इस दिवस पर भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। शनिवार का दिन होने के कारण इस दिन शनि देव की पूजा का भी संयोग बना हुआ है।
साल भर बनी रहेगी शनि देव और भोलेनाथ की कृपा:
मान्यता है कि साल के पहले दिन शुभ कार्य करने से पूरे साल शुभ फलों की प्राप्ति होती हैं। इसलिए बहुत से लोग मंदिर जाकर साल की शुरुआत करते हैं। साल के पहले दिन शनि देव और भगवान भोलेनाथ की पूजा का संयोग बना हुआ है। शास्त्रों में शनि देव को भगवान शिव के परम भक्त बताया गया है। वहीं ज्योतिष के अनुसार भगवान शंकर ने शनि देव को सभी ग्रहों का न्यायाधीश और कर्म का देवता बनाया है। इस दिन अगर दोनों ही देवताओं की पूजा की जाए तो साल भर आप पर इनकी कृपा बनी रहेगी। (यह भी पढ़ें)- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साहसी और निडर होते हैं इन 4 राशि के लोग, देखें- कहीं आपका नाम तो नहीं इसमें शामिल
इन राशियों पर चर रही है साढ़ेसाती और ढैय्या:
वर्तमान समय में मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है तो वहीं धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इन राशियों के जातक शनि देव को प्रसन्न करने के लिए यह उपाय कर सकते हैं। जिससे उनकी कृपा बनी रहे।
करें ये उपाय जिससे शनि और भोलेनाथ होंगे प्रसन्न:
- 1 जनवरी की शाम को मंदिर जाकर शनि देव की पूजा करें
- शनि देव की प्रतिमा के सामने एक सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- काली उड़द का दान करें और गरीबों में काला कंबल बांटे।
- पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और सात बार परिक्रमा करें।
- शनि चालीसा और शनि के मंत्र ऊं शं शनैश्चराय नमः का जाप करें।
- कहते हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ने वाले इंसान पर कभी भी शनि देव की खराब दृष्टि नहीं पड़ती। इसलिए हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें। साथ ही ऊं नम: शिवाय का जाप करें।
