UP News: संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जमकर बवाल हुआ था। इस मामले में पुलिस की तरफ से बड़ी कार्रवाई की गई है। कोर्ट के आदेश के बाद संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता शारिक साटा की संपत्ति कुर्क कर ली गई। संपत्ति कुर्की के दौरान भारा संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।
संभल के एसपी केके बिश्नोई ने बताया, “शारिक साटा को गिरफ्तार करने की कई कोशिश की गई, लेकिन पुलिस अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है। इसलिए, दो मामलों में उसके खिलाफ कुर्की की कार्यवाही के लिए अदालत से अनुरोध किया गया था, जिसके तहत आज कार्रवाई की जा रही है। जिस घर में वह अपनी पत्नी के साथ रहता था, उसे कुर्क कर लिया गया है, उसके रिश्तेदारों के रहने वाले हिस्से को छोड़ दिया गया है और अब उसके खिलाफ वारंट जारी किया गया है।”
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, “माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शारिक की घर की कुर्की की जानी है। इस काम में राजस्व विभाग की टीम लगाई गई है और पुलिस विभाग की टीम लगाई गई है। जो न्यायालय का आदेश हुआ है उसके क्रम में मकान की कुर्की की जाएगी। ये मुख्य शहर में स्थित घर है तो आप इसकी लागत का अनुमान लगा सकते हैं। यह शहर की सबसे बेशकीमती जगहों में से एक जगह है। इस बिल्डिंग में चार महले बने हुए हैं। फरार अभियुक्त की प्रॉपर्टी को ही कुर्क किया जाएगा।”
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कोर्ट ने दिया था कुर्की का आदेश
बवाल में मुख्य साजिशकर्ता आरोपी शारिक साटा के खिलाफ धारा 209 बीएनएस के तहत तीन रिपोर्ट दर्ज की गई थीं। यह कार्रवाई न्यायालय में हाजिर नहीं होने के चलते की जाती है। इसी क्रम में अब कोर्ट द्वारा कुर्की का आदेश किया गया है।
पुलिस ने साटा को संभल हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता क्यों माना?
24 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर संभल की 16वीं सदी की शाही जामा मस्जिद का सर्वे किए जाने के बाद, मस्जिद के पास झड़पें हुईं। इसमें चार लोगों की मौत हो गई और पुलिसकर्मियों समेत कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने संभल के अलग-अलग पुलिस थानों में 12 एफआईआर दर्ज कीं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “जांच के दौरान साटा संभल हिंसा के पीछे मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया। उसने हथियार मुहैया कराकर झड़पों को बढ़ावा दिया। उस पर घटना से संबंधित पांच मामलों में आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है। इनमें हत्या के चार मामले शामिल हैं।”
पुलिस के अनुसार, उसके सहयोगियों ने उनके निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए उन हथियारों की खरीद की थी, जिनका इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों ने हिंसा के दौरान किया था। अब तक पुलिस ने इस मामले में उसके तीन करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “कई छापों और लगातार तलाशी अभियानों के बावजूद, साटा गिरफ्तारी से बचता आ रहा है। इसी वजह से पुलिस को अदालत में याचिका दायर कर उसे भगोड़ा घोषित करने का आदेश हासिल करना पड़ा।” उन्होंने आगे कहा कि तीन दशकों से ज्यादा समय से सक्रिय इस गैंगस्टर पर हत्या, जबरन वसूली, दंगा और आपराधिक धमकी सहित 60 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि वह लगभग 2020 में एक फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके दुबई भाग गया था और तब से वह भारत में अपने नेटवर्क के जरिये आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
