पश्चिम बंगाल के उत्तरी पर्वतीय इलाके में जारी अस्थिरता के बीच कथित तौर पर पुलिस की गोली से एक गोरखालैंड समर्थक की मौत के बाद भड़की हिंसा और आगजनी की घटनाएं रविवार को भी जारी रहीं। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने रविवार की सुबह कुरसियोंग में प्रखंड कार्यालय को आग लगा दी, जिसमें इमारत का एक हिस्सा जल गया।
पश्चिम बंगाल से अलग गोरखालैंड राज्य बनाने की मांग कर रहे लोगों ने रविवार को पोखरिबिंग पंचायत कार्यालय को भी आग लगा दी और दार्जिलिंग के पोखरी में स्थित पुलिस की एक सीमा चौकी में तोड़-फोड़ की।
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के समर्थकों ने शनिवार को भी उत्पात मचाया था और एक पुलिस चौकी तथा कई सरकारी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। जीजेएम कार्यकर्ताओं का गुस्सा कथित तौर पर पुलिस की गोली से उनके एक समर्थक की मौत के बाद फूटा।
पुलिस ने हालांकि इससे इनकार किया है, वहीं जीजेएम के अलावा गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएएफ) ने मृतक ताशी भूटिया को अपनी-अपनी पार्टी का समर्थक बताया है। दार्जिलिंग के सोनादा पुलिस थाने में व्यक्ति की मौत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पृथक राज्य की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल का यह खूबसूरत इलाका बीते एक महीने से सुलग रहा है। पृथक राज्य के लिए छेड़े गए आंदोलन का नेतृत्व कर रही जीजेएम ने अनिश्चितकालीन हड़ताल बुला रखी है।
बता दें कि जीजेएम नेतृत्व ने कल दावा किया था पुलिस की गोलीबारी में चार लोग मारे गये हैं। हालांकि, पुलिस ने गोलीबारी के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने एक गोली नहीं चलायी है। जीजेएम का दावा है कि पुलिस गोलीबारी के दौरान पृथक गोरखालैंड का समर्थन करने वाले दो लोग मारे गये जबकि दो अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ा।
अलगाववादी समूह ने चारों मृतकों की पहचान ताशी भूटिया, सूरज सुनदास, आशा कुमार और समीर सुब्बा के रूप में की है। राय डेवेलॉपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष एम. एस. राय ने कथित हत्याओं के विरोध में कल रात इस्तीफा दे दिया। जीजेएम ने बातचीत करने संबंधी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पेशकश भी ठुकरा दी। दार्जिलिंग में कल हिंसा और आगजनी की ताजा घटनाओं के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर है। कल क्षेत्र में सेना भी तैनात की गयी है।
