सोशल मीडिया में पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक हवा में बंदूक चलाते हुए वहां मौजूद महिलाओं का धमका रहे हैं। नकाबपोश शख्स के साथ वीडियो में एक अन्य शख्स भी नजर आ रहा है। रिपोर्ट की मानें तो वीडियो राज्य में पंचायत चुनाव की नामांकन तारीख के आखिरी दिन का है। वायरल हो रहे 1 मिनट बीस सेकंड के इस वीडियो में बहुत सी महिलाएं भी नजर आ रही हैं। महिलाओं के हाथों में कथित तौर पर टीएमसी के झंडे नजर आ रहे हैं। वीडियो के अगले हिस्से में कुछ युवा घरों में बम फेंक रहे हैं। बता दें कि चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए बढ़ाई की समय-सीमा यानी सोमवार (23 अप्रैल, 2018) को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच व्यापक तौर पर हिंसक घटनाएं हुईं। इन हिंसक घटनाओं में एक शख्स की मौत हो गई। कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राज्य के चुनाव आयोग ने नामांकन की समय सीमा सोमवार सुबह 11 बजे से बढ़ाकर दोपहर तीन बजे तक कर दी थी।

वहीं, मारे गए कार्यकर्ता को लेकर सत्तापक्ष तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि वो उनकी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता था। हालांकि, इस हत्या के लिए दोनों दलों ने एक-दूसरे पक्ष को जिम्मेदार ठहराया। राज्य भाजपा नेतृत्व ने दावा किया कि मृतक शेख दिलदार भाजपा जिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का सदस्य था और उसकी तृणमूल के गुंडों ने हत्या कर दी, जबकि तृणमूल कांग्रेस के नेता अणुब्रत मंडल ने कहा कि मृतक और उनके परिवार के सदस्य कई सालों से तृणमूल से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने दावा किया, “सिर्फ दिलदार ही नहीं, बल्कि उनका पूरा परिवार तृणमूल कांग्रेस से कई सालों से जुड़ा है। स्थानीय लोगों में दहशत पैदा करने के लिए भाजपा पड़ोसी झारखंड से गुंडों को लाई, जिन्होंने शेख की हत्या की है।” बंकुआ, हुगली, पूर्वी मिदनापुर और दक्षिण 24 परगना जिलों व अन्य जगहों पर नामांकन दाखिल करने के दौरान बड़े पैमाने पर झड़पें हुई हैं।

राज्य की विपक्षी पार्टियों ने तृणमूल पर उम्मीदवारों पर हमला करने व दहशत पैदा करने के साथ ब्लॉक विकास अधिकारी के कार्यालयों में दस्तावेज जमा करने देने के लिए नहीं जाने देने का आरोप लगाया। राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने राज्य निर्वाचन आयोग को शिकायतों की सूची के साथ राज्य में हिंसा की घटनाओं और प्रतिकूल माहौल को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सूर्यकांत मिश्रा ने दावा किया कि बंगाल में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है, क्योंकि लोगों पर हमले किए जा रहे हैं।