जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के पॉलीट्रॉमा आईसीयू के पास सोमवार देर रात को पाइप से पानी का रिसाव हो गया, जिससे पूरे आईसीयू में पानी भर गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। प्रशासन ने 14 गंभीर मरीजों को दूसरी जगह ट्रांसफर किया।
इस अस्पताल में तीन महीने पहले न्यूरो आईसीयू में आग लगने से 6 लोगों की मौत हो गई थी।
ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. बी.एल. यादव ने पीटीआई-भाषा को बताया कि आईसीयू की जगह पहले यहां पर कुछ कमरे और शौचालय बने हुए थे। उन्होंने बताया कि जब यहां पर आईसीयू बनाया गया तो पानी की पुरानी लाइनों को दबा दिया गया।
डॉ. बी.एल. यादव ने कहा, ‘काफी समय दबी रहने के कारण लाइनें गल गई, इस वजह से पानी आने लगा।’
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डॉ. यादव ने बताया कि आईसीयू में भर्ती 14 मरीजों में से 10 वेंटिलेटर पर थे, उन्हें दूसरी जगह भेजा गया। इनमें दो मरीज ऐसे थे जो सामान्य थे, जिन्हें न्यूरोसर्जरी के सामान्य वार्ड में भेजा गया। चार मरीजों को बांगड़ के आईसीयू में, दो मरीजों को ऑपरेशन थिएटर स्थित ‘ऑब्जर्वेशन बेड’ पर भेजा गया। शेष मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में ही बनी इमरजेंसी यूनिट में भेजा गया।
करंट फैलने का था खतरा
आईसीयू में पानी भरने के बाद डॉक्टर व कर्मचारी दौड़े। अचानक ऐसा होने से वहां भर्ती मरीजों के परिजन दहशत में आ गए। परिजन मरीजों की जान बचाने को यहां-वहां भागने लगे। अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, पॉलीट्रॉमा आईसीयू में करीब आधा फुट तक पानी भर गया था जिससे करंट फैलने का खतरा हो गया था क्योंकि वहां मशीनें लगी थी।
ट्रॉमा सेंटर प्रभारी ने बताया कि वार्ड को खाली करवाने के बाद पानी निकालने का काम शुरू करवा दिया गया है। 14 जनवरी से आईसीयू को फिर से शुरू करवा दिया जाएगा।
