केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नक्सली देश का विकास नहीं विनाश चाहते हैं। माओवादी भी इसी राह पर चलते हैं। उन्होंने केंद्रीय सुरक्षाबलों के जवानों पर नक्सली हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि शहीदों की शहादत को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री बुधवार को देहरादून में पत्रकारों से बात कर रहे थे। पत्रकारों से बात करने से पहले प्रसाद मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे आइएएस अधिकारियों के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
पत्रकारों से बात करने के बाद प्रसाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से उनके सरकारी आवास में मिले। प्रसाद ने कहा कि नक्सलियों का सुरक्षाबलों पर हमला घोर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों के जवानों पर जब नक्सलियों ने हमला किया उस समय वे एक नदी के तटबंध को ठीक करने जा रहे थे।
प्रसाद ने बताया कि केंद्र सरकार जल्दी ही उत्तराखंड के छह अस्पतालों को ई-अस्पताल बनाने जा रही हैं। उत्तराखंड के यह अस्पताल ई-अस्पताल बनने के बाद देश के उन 70 ई-अस्पतालों में शामिल होंगे जो इस समय उच्च स्तरीय स्वास्थ्य तकनीकी से जुड़े हुए हैं। जिससे उत्तराखंड के लोगों को बहुत ज्यादा सहुलियतें मिलेंगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर आरोप लगाया कि वे कभी भी उत्तराखंड राज्य के विकास के लिए गंभीर नहीं रहे हैं। उनके पास केंद्र की योजनाओं और विकास से जुड़े कामों के लिए समय ही नहीं था।
हरीश रावत को कांग्रेस आलाकमान बहुत बड़ा नेता मानता था। परंतु वे दो-दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव हार गए। जिससे उत्तराखंड और केंद्र के कांग्रेसी नेताओं की रावत को लेकर गलतफहमी दूर हो गई। रविशंकर प्रसाद ने उत्तराखंड के मौजूदा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कामकाज की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य की भाजपा सरकार सही दिशा में काम कर रही है।

