समाजवादी पार्टी (सपा) ने गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 63 बच्चों की मौत मामले की जांच के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के नेतृत्व में छह सदस्यीय जांच दल गोरखपुर भेजा है। जांच कमेटी घटना की जांच कर 13 अगस्त तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगा। सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने शनिवार को बताया, “पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में 10 व 11 अगस्त को कई दर्जन बच्चों की मौत की हृदय विदारक घटना की जांच के लिए विधानसभा में सपा के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के नेतृत्व में छह सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है।”
जांच कमेटी में चौधरी के अलावा पूर्वमंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, एमएलसी संतोष यादव ‘सनी’, पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह, जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव एवं महानगर अध्यक्ष जियाउल इस्लाम शामिल हैं। चौधरी ने बताया कि जांच दल तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है। वह घटना की जांच कर 13 अगस्त तक राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगा।
कांग्रेस पार्टी ने कहा कि बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में 63 बच्चों की दुखद मौत राज्य सरकार की लापरवाही की वजह से हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और राज बब्बर तथा अन्य पार्टी नेताओं ने शनिवार को अस्पताल का दौरा किया तथा रोगियों और उनके परिजनों से उनका हाल चाल पूछा। बाद में पत्रकारों से बातचीत में आजाद ने कहा, ”यह दुखद घटना राज्य सरकार की लापरवाही की वजह से हुई और हम इसके लिये राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा स्वास्थ्य सचिव को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिये। इस घटना में डाक्टरों का कोई कसूर नही है।”
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को कहा है कि गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में 63 बच्चों की मौत की दुखद घटना में जो भी दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, ”गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में हुई इस दुखद घटना में जो भी दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ निश्चित ही कड़ी कार्रवाई की जायेगी।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधिकारिक ट्विटर एकाउंट से आज ट्वीट किया गया कि मुख्यमंत्री ने मामले की गहन जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के साथ गोरखपुर जाने से पहले यहां कहा कि मेडिकल कालेज के डॉक्टरों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नौ जुलाई और नौ अगस्त के उनके दौरे पर आक्सीजन की कमी के बारे में नहीं बताया था और न ही ऐसी कोई जानकारी दी थी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री को भी इस बारे में कुछ नहीं बताया गया था। इन बातों को ध्यान में रखते हुये जांच के पश्चात दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जायेगी।
#WATCH: UP CM Yogi Adityanath speaking on child deaths in #Gorakhpur‘s BRD Medical College, says “Encephalitis is a challenge”. pic.twitter.com/gyY4NZtS3B
— ANI UP (@ANINewsUP) August 12, 2017
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि, ”मुख्यमंत्री इस सारे मामले पर गहरी नजर रखे हुये हैं, हम सभी पहलुओ की जांच के बाद उचित कार्रवाई करेंगे।”

