उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में हुए भयावह रेल हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। हादसे में 156 लोग घायल हुए हैं जिनमें 10 की हालत नाजुक है। हालांकि रेल अधिकारियों का दावा है कि रेल हादसे में 20 लोगों की मौत हुई है, जबकि 92 अन्य घायल हुए हैं। इनमें 22 की हालत नाजुक है। रेलवे ने रविवार को यह जानकारी दी। रेलवे बोर्ड के मोहम्मद जमशेद ने यहां मीडिया को बताया, “हमारे अंतिम आंकड़ों के मुताबिक हादसे में 20 लोगों ने अपनी जान गंवाई है और 92 अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से 22 गंभीर रूप से घायल हैं।” अधिकारियों ने रविवार को बचाव कार्य खत्म होने की घोषणा की। एक अधिकारी ने कहा कि घायलों का मुजफ्फरनगर और मेरठ में इलाज चल रहा है। पुरी से हरिद्वार जा रही उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे शनिवार शाम को मुजफ्फरनगर जिले के खतौली में पटरी से उतर गए।

दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कुछ डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए। अब तक 10 मृतकों की शिनाख्त हो पाई है। इनके नाम सुखी प्रजापति (मध्य प्रदेश), आलोक सरकार (नई दिल्ली), विष्णु गोस्वामी, ब्रज कुमार प्रजापति और गिरिराज पांडे (ग्वालियर), रिंकी कुमारी (आगरा), करिश्मा और सुमित गर्ग (सहारनपुर) और रामपाल सिंह शर्मा व विनीत मित्तल (मुजफ्फरनगर ) हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि अन्य मृतकों की शिनाख्त करने के प्रयास जारी हैं। 10 लोगों की हालत नाजुक होने से हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने का अंदेशा है। रेलवे कर्मचारी पटरी से उतरी बोगयिों को हटाने और ट्रैक साफ करने के काम में लगे रहे। इधर से गुजरने वाली सभी ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं। गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बचाव कार्य में रात भर 90 एंबुलेंस और राष्ट्रीय आपदा राहत बल की चार टीमें लगी रहीं, लेकिन कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की कमी होने की शिकायत की।

रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने रविवार को नई दिल्ली में मीडिया को बताया कि उन्होंने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को शाम तक प्रथम दृष्ट्या सबूत के आधार पर दुर्घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए कहा है। प्रभु ने ट्वीट किया, “(बोर्ड द्वारा) संचालन में ढिलाई बरतने की अनुमति नहीं दी जाएगी। रेल संचालन को बहाल करना शीर्ष प्राथमिकता है..स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है।” उन्होंने कहा कि रेलवे आयुक्त (सुरक्षा) प्रारंभिक निरीक्षण के लिए घटनास्थल का दौरा करेंगे। उन्होंने इसमें आतंकवादी साजिश होने की बात से इनकार नहीं किया है।

क्षतिग्रस्त हुए रेलवे ट्रैक की मरम्मत रविवार रात तक पूरी हो जाएगी और यातायात बहाल हो जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शनिवार शाम दुर्घटना के बाद से मुजफ्फरनगर जिले से गुजरने वाला व्यस्त रेल मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खतौली के नजदीक ट्रेन के 14 डिब्बों के पटरी से उतरने के बाद कई रेलगाड़ियों का रास्ता बदल दिया गया। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि तापरी जंक्शन से रेलगाड़ियों का मार्ग बदला जा रहा है। दूसरे मार्ग पर ले जाई जाने वाली रेलगाड़ियों में नई दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस, देहरादून-मुंबई सेंट्रल, हरिद्वार-अहमदाबाद एक्सप्रेस, जालंधर-मुंबई एक्सप्रेस, अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस, मुंबई-जालंधर एक्सप्रेस और बिलासपुर-अमृतसर एक्सप्रेस शामिल हैं।