उत्तर प्रदेश के आगरा में आलू के खेती करने वाले एक किसान ने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को एक पत्र लिख इच्छा मृत्यु की मांग की है। कर्ज में डूबे में इस किसान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिले दो हजार रुपए भी सीएम को वापस लौटा दिए। आलू की खेती करने वाले प्रदीप शर्मा (39) ने कहा कि वह फसल नुकसान के मुआवजे के लिए चार साल के इंतजार के बाद तंग आ गए। उन्होंने बताया, ‘मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को दो हजार रुपए का मनी ऑर्डर भेजा है। मुझपर 35 लाख रुपए का कर्ज है। अगर मुख्यमंत्री मेरी मदद नहीं कर सकते हैं। तो वह कम से कम मुझे खुद की जान लेने की अनुमति तो दे सकते हैं।’

एक न्यूज चैनल से बात करते हुए प्रदीप शर्मा ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ एक छोटे से घर में रह रहे हैं। उन्हें हर दिन संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया, ‘इससे पहले भी मैं जिला प्रशासन को पत्र लिख चुका हूं। राज्य सरकार से भी मदद की गुहार लगा चुका हूं। मगर इतनी कोशिशों के बाद भी उनका कभी कोई जवाब नहीं आया। पिछले साल दिसंबर में मैं केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से मिलने के लिए गया और वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ा।’ शर्मा ने किसान दिवस और तहसील दिवस (शिकायत निवारण बैठकों) पर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ फसल नुकसान का मुद्दा उठाया था। लगातार कोशिशों और कृषि नुकसान से संबंधित दस्तावेज जमा कराने के बाद भी आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला।

आगरा जिले के बरौली अहीर ब्लॉक निवासी शर्मा ने आगे बताया, ‘कृषि कर्ज की वजह से जब साल 2015 में मेरे चाचा की दिल के दौरे की वजह से मौत हो गई तब मैंने प्रशासन को इस बात की जानकारी दी। मगर कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। खराब मौसम की वजह से मुझे साल 2016 में खेती में नुकसान हुआ। 2017 में कैंसर की वजह से पिता की मौत हो गई। पहले से ही खूब कर्ज की वजह से मैं उन्हें ठीक से दवाईंया भी नहीं दे सका। अब मैंने सीएम को मनी ऑर्डर भेजा है, शायद वह मेरी परेशानी को समझ जाएंगे।