पिछले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश में छह रैली कर चुके बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी का मुद्दा उठाया था। अब कांग्रेस पार्टी ने फैसला किया है कि वह भी इसी मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके लिए पार्टी घर-घर जाकर एक अभियान चलाएगी। कांग्रेस ने अपनी वुमेन विंग ‘महिला कांग्रेस’ से शराबबंदी को लेकर एक कैंपेन चलाने को कहा है। पूरे राज्य में चलाए जाने वाले इस अभियान में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता को घर-घर जाकर इस मुद्दे पर सहयोग की अपील करनी होगी। शराबबंदी लागू करने की मांग के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इसके अलावा पार्टी अपने चुनाव घोषणापत्र में भी इस मुद्दे को अहमियत देगी।

जहां महिला कांग्रेस की सभी जिला यूनिट्स को अपने-अपने क्षेंत्रों में इस कैपेन को चलाने के आदेश दिए गए हैं, वहीं सूत्रों का कहना है कि अभियान की सफलता से ही चुनाव के लिए महिला उम्मीदवार का चयन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की महिला कांग्रेस प्रेसिडेंट से जब पूछा गया कि क्या यह अभियान बिहार के सीएम नीतीश कुमार के शराबबंदी अभियान से प्रेरित है तो उन्होंने इससे साफ इंकार कर दिया। प्रेसिडेंट प्रतिमा सिंह ने कहा, “यह कहना गलत होगा कि हम किसी और को देखकर यह अभियान चला रहे हैं। पिछले हफ्ते लखनऊ में हमने एक मीटिंग का आयोजन किया था और महिलाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों को जानने की कोशिश की थी। तभी इस संबंध में फैसला किया गया था।”