आगरा में अपनी सास के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठी एक रूसी बहू को आखिर इंसाफ मिल ही गया। महिला का आरोप था कि दहेज की मांग के चलते उसकी सास ने उसे और उसकी तीन साल की बेटी को घर में नहीं घुसने दिया। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस महिला की गुहार को यूपी के सीएम अखिलेश यादव तक पहुंचाया था।

रूसी महिला ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उसने बताया कि वह अपनी भारतीय सास के घर के बाहर प्रदर्शन कर रही है। उसने अपनी सास पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। यह मामला मीडिया में आने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर सीएम अखिलेश यादव से मदद का आग्रह किया था। इसके बाद अखिलेश यादव ने उन्हें सूचित किया कि मामला सुलझा लिया गया है।

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इस रूसी बहू का नाम ओलगा एफिमेनकोवा है। महिला ने 2011 में विक्रांत सिंह चंदेल नाम के शख्स से शादी की थी। महिला ने दावा किया था कि उसे, उसके पति और बेटी को घर में घुसने नहीं दिया जा रहा। उसका कहना था कि उसे जब तक घर में एंट्री नहीं मिलेगी, वह कुछ भी नहीं खाएगी। हालांकि सुलह के बाद सास ने कहा कि विवाद दहेज का नहीं था। कल्चरल डिफरेंस की वजह से दोनों में अनबन थी।

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