पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बाढ़ की भीषण समस्या से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए भारतीय सेना ने भी कमान संभाल रखी है। सेना ने रविवार को उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित शहर गोरखपुर में फंसे लोगों को बचाया। सेना ने बाढ़ में फंसे 450 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और पीड़ितों को खाने के पैकेट और राशन वितरित किए। मध्य कमान के जन संपर्क अधिकारी गारगी मलिक सिन्हा ने रविवार को बताया, “सेना ने बाढ़ राहत कार्य के लिए लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष राव, मेजर विशाल, कैप्टन विशाल सिंह तथा कैप्टन संदीप पांडेय के नेतृत्व में तीन पार्टियों का गठन किया है। सेना ने गोरखपुर में मोहारीपुर, मनीराम और गई घाट में बाढ़ में फंसे लगभग 250 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।”
उन्होंने कहा कि इस दौरान सेना ने लगभग एक हजार खाने के पैकेट और 500 किलोग्राम राशन सहित पानी और दवाओं का वितरण किया। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त को भी बाढ़ में फंसे 200 लोगों को सेना ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था और एक हजार खाने के पैकेट वितरित किए थे।
एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के आग्रह पर सेना की तीन टीमों को राहत और बचाव कार्यो में लगाया गया है। तीनों टीमें “बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।” तीनों टीमें साथ ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में लोगों को खाने के पैकेट, पानी, दवाइयां और राशन भी वितरित कर रही हैं। पिछले 24 घंटों में गोरखपुर के मोहरिपुर, मनिराम और गौ घाट इलाकों में 250 से अधिक लोगों को बचाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि 500 किलो राशन, बड़ी संख्या में पानी की बोतलें, दवाइयां और 1,000 खाने के पैकेट वितरित किए गए हैं। भारी बारिश और पड़ोसी देश नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी के कारण आई बाढ़ से गोरखपुर, बलिया, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले कुछ दिनों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं और राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं।
