उत्तर प्रदेश में तीन चरणों में हुए निकाय चुनाव में भाजपा ने अपना दम खम दिखाया है। प्रदेश के ज्यादतर मेयर पद उसकी झोली में आए हैं। इस चुनाव में जहां बसपा ने अपने लिए उम्मीद बांधी है वहीं कांग्रेस को करारा झटका लगा है।
सुल्तानपुर : नगर पालिका परिषद का अध्यक्ष पद लगातार तीसरी बार भाजपा की झोली में गया। पार्टी की प्रत्याशी बबिता जायसवाल ने 5,413 के मतों के फासले से जीत दर्ज की। उन्हें 14931 और निकटतम प्रतिद्वंदी सपा की निर्मला पांडे को 9,518 मत मिले। बसपा की सायरा बानो को 9,201 और निर्दलीय सोनम किन्नर को 9,193 वोट मिले।
सुलतानपुर पालिका का अध्यक्ष पद पहली बार महिलाओं के लिए आरक्षित था। इससे पहले भाजपा के ही प्रवीण अग्रवाल ने लगातार दो बार जीत हासिल की थी। महिला सीट होने के बाद निवर्तमान अध्यक्ष ने अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट मांगा था। पार्टी टिकट के कुछ अन्य दावेदार भी टिकट वितरण को लेकर असंतुष्ट थे।
मथुरा : यहां नगर निगम के मेयर पद पर भाजपा उम्मीदवार डॉ. मुकेश आर्यबंधु ने जीत दर्ज की। 70 वार्डों वाली नगर निगम में 41 सभासद भाजपा की टिकट पर जीतें हैं। मेयर पद के लिए हारने वाले कांग्रेस उम्मीदवार मोहन सिंह ने भाजपा की जीत को शासन-प्रशासन की जीत करार दिया।
मेयर पद के भाजपा के डॉ. मुकेश आर्यबंधु ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस उम्मीदवार मोहन सिंह को 22125 मतों से शिकस्त दी है। मथुरा में मेयर के चुनाव में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। यहां मुख्यमंत्रीआदित्यनाथ योगी की चुनावी सभा के साथ प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा जोरदार प्रचार किया था। वहीं कांग्रेस के नेता राजबब्बर की रैली अपने उम्मीदवार के काम नहीं आ सकी। मोहन सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन ने भाजपा विरोधी लोगों के नाम मतदाता सूची से उड़ा दिया। इससे हजारों लोग वोट डालने से वंचित रह गए।
गोण्डा : नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ दल भाजपा को यहां करारा झटका मिला है। जिले की तीन नगर पालिका और चार नगर पंचायतों में से भाजपा को केवल दो सीटों पर सफलता मिली है। कैसरगंज से पार्टी सांसद व भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूशण शरण सिंह ने नवाबगंज नगरपालिका सीट पर पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ खुलेआम बगावत कर अपने समर्थक को चुनाव जीताने में मदद की।
जिले में नगर पालिका और नगर पंचायतों की कुल सात सीटों में से चार पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी निर्वाचित हुए हैं, जबकि दो सीटों नवाबगंज सीट निर्दल के खाते में गई है। यहां से सपा प्रत्याशी उज्मा राशिद चुनाव जीत की हैं। उज्मा दो बार पालिका अध्यक्ष रह चुके सपा के वरिष्ठ नेता कमरुद्दीन की बेटी हैं। इस बार पूर्व मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह ने भी उनके लिए पूर्ण मनोयोग से प्रचार किया। बताते हैं कि उन्हें नाराज भाजपाइयों का भी वोट मिला। तीसरे स्थान पर निर्दल प्रत्याशी निवतर्मान पालिका अध्यक्ष निर्मल श्रीवास्तव की मां पूनम श्रीवास्तव रहीं।
नवाबगंज में भाजपा प्रत्याशी श्रीमती अंजू सिंह को निर्दल सत्येन्द्र कुमार सिंह ने हराया। सत्येन्द्र को भाजपा सांसद ने पार्टी से खुलेआम बगावत करके मैदान में उतारा था। अंजू सिंह को प्रदेश के काबीना मंत्री रमापति शास्त्री का संरक्षण हासिल था, जबकि सांसद उन्हें घुसपैठिया बताते थे। सांसद ने ऐलान कर दिया था कि वह नवाबगंज में पार्टी प्रत्याशी को हराएंगे, चाहे उनकी सांसदी चली जाए। उन्होंने इसे कर दिखाया। अपने समर्थित प्रत्याशी को जितवाकर उन्होंने एक बार फिर अपने निर्वाचन कौशल का लोहा मनवा दिया है। कर्नलगंज नगर पालिका में भाजपा ने अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा था। यहां से सपा प्रत्याशी रजिया खातून निर्वाचित हुर्इं।
जिले की कटरा बाजार नगर पंचायत पर सपा की मुजीबुल हसन ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को हराया। खरगूपुर नगर पंचायत पर सपा के लाल मोहम्मद ने एक बार फिर कब्जा कर लिया है। उन्होंने भाजपा के बागी निर्दल प्रत्याशी राजीव रस्तोगी को पराजित किया। यहां भाजपा तीसरे स्थान पर रही। नगर पंचायत मनकापुर का परिणाम आशानुरूप ही रहा। यहां भाजपा के प्रदीप गुप्ता विजई हुए हैं।
सिद्धार्थनगर : स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा ने सिद्धार्थनगर नगर पालिका और सोहरतगढ़ नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। वहीं बांसी नगरपालिका और तीन नगर पंचायत के अध्यक्ष पदों पर सपा और बसपा को सफलता मिली। सिद्धार्थनगर नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर भाजपा के श्याम बिहारी जयसवाल ने निदर्लीय फोजिया आजाद को 950 वोटों से पराजित किया जबकि शोहरतगढ़ नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर भाजपा की बबीता कसौधन लगातार दूसरी बार जीतने में कामयाब रही। कसौधन ने समाजवादी पार्टी के केसरी को 726 वोटों से पराजित किया। बासी नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर सपा के इदरीश पटवारी ने 1718 मतों से जीत हासिल की। पटवारी को 7146 और उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के अजय श्रीवास्तव को 5354 मत मिले। बढ़नी नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार निसार बागी ने भाजपा के सुनील गुप्ता को 99 वोटों से हराया जबकि उसका बाजार नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर सपा की पुनीता यादव ने भारतीय जनता पार्टी की मंजू को हराया। पुनीता यादव को 4873, मंजू को 9177 वोट मिले। डुमरियागंज नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर बहुजन समाज पार्टी के जफर आलम ने समाजवादी पार्टी के अतीकुर्रहमान को 887 वोटों से हराया। बसपा उम्मीदवार आलम को 3702 जबकि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अतीकुर्रहमान को 2244 वोट मिले। जिले की बांसी नगरपालिका की सीट पर जीत भाजपा के लिए प्रतिष्ठा से जुड़ी रही क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह इसी बांसी विधानसभा से विधायक हैं। मंत्री ने भाजपा उम्मीदवार अजय श्रीवास्तव के लिए बांसी में चुनाव प्रचार किया।
]
